PoK हिंसा पर भारत सख्त, पाकिस्तानी सेना पर लगाए गंभीर आरोप

Update: 2026-07-14 14:00 GMT

इस्लामाबाद। गुलाम कश्मीर (PoK) के रावलकोट में हिंसा के बाद तनाव बढ़ गया है। यहां पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच हुई झड़प के दौरान फायरिंग में छह नागरिकों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और स्थानीय लोगों में पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को रावलकोट शहर के नए बस टर्मिनल के पास सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। स्थिति बिगड़ने पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की, जिसमें कथित तौर पर गोलीबारी की गई। इस फायरिंग में छह आम नागरिकों की मौत हो गई।

मृतकों में जाहिद मुगल, जफर मुगल, अर्सलान अकबर और वाजिद हयात समेत अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं। वाजिद हयात की मौत रावलकोट के मटियाल मीरा बस टर्मिनल के पास हुई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।

रिपोर्टों के मुताबिक, गुलाम कश्मीर में लंबे समय से स्थानीय लोगों के बीच कई मुद्दों को लेकर असंतोष देखने को मिल रहा है। इनमें आर्थिक परेशानियां, प्रशासनिक व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। इसी नाराजगी के बीच प्रदर्शन और विरोध की घटनाएं सामने आती रही हैं।

इस हिंसा से एक दिन पहले अमेरिका में रहने वाले PoK समुदाय के लोगों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस के बाहर एकत्र होकर गुलाम कश्मीर की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने की मांग की थी। उन्होंने क्षेत्र में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए हस्तक्षेप की अपील की थी।

भारत ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गुलाम कश्मीर में मौजूदा हालात वहां के लोगों के लंबे समय से हो रहे व्यवस्थित शोषण का परिणाम हैं। भारत की ओर से पाकिस्तान पर क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया गया है।

वहीं, पाकिस्तान की ओर से इस मामले को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई और नागरिकों की मौत के बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

रावलकोट की घटना ने एक बार फिर गुलाम कश्मीर में बढ़ते असंतोष को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। हालांकि, लगातार बढ़ते तनाव के कारण क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।

फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है। छह नागरिकों की मौत के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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