भारत-सेशेल्स संबंध स्थिर और मजबूत: PM Modi, राष्ट्रीय दिवस समारोह में होंगे शामिल
Victoria विक्टोरिया : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत और सेशेल्स के बीच संबंधों को “स्थिर, मजबूत और दीर्घकालिक” बताते हुए दोनों देशों की साझेदारी को और गहरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स मिलकर “एक साथ दौड़ जीतेंगे”, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और आपसी विश्वास को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी द्वारा आयोजित राजकीय रात्रिभोज को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग और साझा हितों पर चर्चा हुई। यह आयोजन प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे हैं। यात्रा की शुरुआत में ही उन्होंने द्वीपसमूह देश में कदम रखा, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरे के दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे।
यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, विकास साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
राजकीय रात्रिभोज के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी के बीच अनौपचारिक बातचीत भी हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स के साथ मजबूत साझेदारी बनाए रखी है, जिसे रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपनी ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है। सेशेल्स इस नीति में एक अहम भागीदार देश माना जाता है।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे, जिसमें कई महत्वपूर्ण समझौतों और सहयोग परियोजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
इसके अलावा, भारत और सेशेल्स के बीच विकास परियोजनाओं, समुद्री निगरानी, पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। भारत पहले भी सेशेल्स को कई क्षेत्रों में विकास सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान करता रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक महत्व के बीच भारत और सेशेल्स की साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस दौरे के दौरान होने वाले कार्यक्रमों और बैठकों से दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यात्रा के अगले चरण में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी संभव हैं।