भारत न्यूजीलैंड की रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी रफ्तार FTA से खुलेंगे नए अवसर
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को 20 अक्टूबर से नई रफ्तार मिलने वाली है। न्यूजीलैंड के हाई कमिश्नर पैट्रिक जॉन राटा ने कहा कि दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का लागू होना द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने व्यापार और अर्थव्यवस्था के साथ रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा, संस्कृति, खेल, सीधी कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रेखांकित किया।शुक्रवार को ANI से बातचीत में राटा ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध अब केवल व्यापार और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं। नई रणनीतिक साझेदारी में रक्षा और सुरक्षा, उच्च स्तरीय संपर्क, संस्कृति और खेल के साथ दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों को भी महत्व दिया गया है। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों में इन सभी क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
रणनीतिक साझेदारी के तहत पहली बड़ी ठोस उपलब्धि के सवाल पर राटा ने भारत-न्यूजीलैंड FTA का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षण इस व्यापार समझौते का लागू होना है। भारत और न्यूजीलैंड ने FTA की घरेलू अनुमोदन प्रक्रिया पूरी कर ली है और यह समझौता 20 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो जाएगा। दोनों देशों ने इस समझौते पर 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए थे।FTA लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। समझौते के तहत भारत के 100 प्रतिशत निर्यात को न्यूजीलैंड में पहले दिन से ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच मिलेगी। भारत सरकार के मुताबिक कपड़ा, परिधान, चमड़ा, फुटवियर, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों सहित कई क्षेत्रों के लिए इससे नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
दूसरी ओर न्यूजीलैंड के मौजूदा निर्यात के करीब 95 प्रतिशत हिस्से को समय के साथ भारत में शुल्क संबंधी रियायत मिलेगी। इसमें 57 प्रतिशत निर्यात पर समझौता लागू होते ही टैरिफ समाप्त होगा, जबकि आगे चलकर यह हिस्सा 82 प्रतिशत तक पहुंचेगा। न्यूजीलैंड के ऊन, भेड़ के मांस और कई वानिकी उत्पादों को इससे फायदा मिलने की संभावना है।दोनों देशों ने 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार को करीब 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने की आकांक्षा भी तय की है। भारत सरकार के अनुसार जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया और ‘इंडिया-न्यूजीलैंड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: रोडमैप टू 2030’ को साझा ढांचे के रूप में स्वीकार किया।
व्यापार के अलावा दोनों देशों के बीच सीधी हवाई कनेक्टिविटी भी आने वाले समय में महत्वपूर्ण मुद्दा रहने वाली है। राटा ने कहा कि न्यूजीलैंड को उम्मीद है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ानें शुरू होंगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के राजनीतिक नेतृत्व की ओर से भी इस दिशा में इच्छा जाहिर की गई है। सीधी उड़ानें शुरू होने की स्थिति में पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क को और बढ़ावा मिल सकता है।भारत और न्यूजीलैंड के बीच लोगों के आपसी संबंध पहले से मजबूत हैं। न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रालय के मुताबिक वहां करीब तीन लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिन्हें दोनों देशों के सांस्कृतिक, व्यावसायिक, शैक्षणिक और सामाजिक संबंधों के बीच एक महत्वपूर्ण ‘लिविंग ब्रिज’ माना जाता है।
शिक्षा भी रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है। हाई कमिश्नर राटा ने कहा कि न्यूजीलैंड के शैक्षणिक संस्थान भारतीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने और रिसर्च पार्टनरशिप विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थागत सहयोग बढ़ने से दोनों देशों के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और विश्वविद्यालयों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।FTA में सेवाओं, निवेश और पेशेवर तथा छात्र मोबिलिटी से जुड़े अवसरों को भी शामिल किया गया है। भारत सरकार के अनुसार समझौता भारतीय पेशेवरों, छात्रों और युवाओं के लिए नए रास्ते खोलने के साथ निवेश और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी काम करेगा। न्यूजीलैंड की ओर से अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता भी समझौते से जुड़ी है।
राटा के बयान से यह भी स्पष्ट है कि दोनों देश आर्थिक साझेदारी के साथ रक्षा और सुरक्षा संबंधों को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं। नई रणनीतिक साझेदारी का दायरा उच्च स्तरीय राजनीतिक संपर्क से लेकर संस्कृति और खेल तक फैला हुआ है। इससे दोनों देशों के रिश्तों को बहुआयामी स्वरूप मिलने की उम्मीद है।भारत और न्यूजीलैंड के लिए फिलहाल सबसे नजदीकी बड़ा पड़ाव 20 अक्टूबर है, जब FTA औपचारिक रूप से लागू हो जाएगा। इसके बाद व्यापारिक रियायतें प्रभावी होंगी और दोनों देशों के कारोबारियों के लिए नए बाजार अवसर खुलेंगे। साथ ही सीधी उड़ानों, शिक्षा और अनुसंधान साझेदारी तथा लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में भी आगे की प्रगति पर नजर रहेगी।हाई कमिश्नर पैट्रिक जॉन राटा ने नई रणनीतिक साझेदारी को द्विपक्षीय संबंधों के कई क्षेत्रों को जोड़ने वाला व्यापक ढांचा बताया है। ऐसे में FTA का लागू होना जहां आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा, वहीं शिक्षा, कनेक्टिविटी, रक्षा, सुरक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों में बढ़ता सहयोग भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी के अगले चरण की दिशा तय करेगा।