नई दिल्ली। भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में उच्चस्तरीय बातचीत तेज हो गई है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने नई दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, शिक्षा, रक्षा, सुरक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना और सहयोग के नए अवसर तलाशना रहा।इससे एक दिन पहले, 13 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से टेलीफोन पर बातचीत की थी। दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा संबंधों में आए सकारात्मक बदलाव का स्वागत किया और आर्थिक तथा रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
अनीता आनंद और जयशंकर के बीच महत्वपूर्ण बैठक
भारत दौरे पर आई कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की।बैठक में व्यापार और निवेश के अलावा शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया गया।दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि भारत और कनाडा अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।उन्होंने दोनों देशों के नेतृत्व, सरकारी संस्थाओं और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद को महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडाई पीएम कार्नी से की बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच मंगलवार, 13 अक्टूबर को बातचीत हुई थी।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा अपने संबंधों में बनी सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा और नागरिकों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में ठोस परिणाम हासिल करने पर जोर दिया।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा मिलकर अधिक स्थिर और समृद्ध विश्व के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
व्यापारिक समझौते पर बढ़ी बातचीत
भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी CEPA को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ रही है।दोनों देशों ने इस समझौते पर वार्ता जल्द पूरी करने की प्रतिबद्धता जताई है।कनाडा सरकार के मुताबिक, समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना और आर्थिक सहयोग के अवसरों का विस्तार करना है।प्रधानमंत्री मोदी और मार्क कार्नी ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के प्रयासों का समर्थन किया।इस दिशा में कनाडा का एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत दौरे पर है। इसका नेतृत्व कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू कर रहे हैं।
ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग पर जोर
भारत और कनाडा के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा, नई तकनीक और आर्थिक विकास से जुड़े क्षेत्रों में संभावित साझेदारियों पर चर्चा कर रहे हैं।इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी नवाचार और औद्योगिक सहयोग को भी रणनीतिक संबंधों में महत्व दिया जा रहा है।कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच वित्त, रक्षा, सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्रों में भी उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ा है।
शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों को प्राथमिकता
भारत और कनाडा के संबंधों में शिक्षा तथा नागरिकों के बीच आपसी संपर्क का विशेष महत्व है।दोनों देशों के बीच बड़ी संख्या में छात्र, पेशेवर और भारतीय मूल के लोग संबंधों को मजबूत करने में भूमिका निभाते हैं।विदेश मंत्रियों की बैठक में शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।इसका उद्देश्य द्विपक्षीय साझेदारी को केवल सरकारी और व्यापारिक स्तर तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक तथा शैक्षणिक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ाना है।
सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर भी चर्चा
भारत और कनाडा के बीच सुरक्षा सहयोग भी बातचीत का प्रमुख विषय रहा।दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के स्तर पर हाल में द्विपक्षीय सुरक्षा संवाद आयोजित किया गया था।इसमें कानून प्रवर्तन और सुरक्षा संबंधी सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई।बुधवार को विदेश मंत्रियों ने इस संवाद का स्वागत किया और साझा हितों से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर निरंतर संपर्क बनाए रखने के महत्व को स्वीकार किया।दिसंबर में कनाडा दौरे पर जा सकते हैं प्रधानमंत्री मोदीकनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिसंबर 2026 में कनाडा यात्रा प्रस्तावित है।दोनों देशों के नेताओं ने इस दौरे से पहले आपसी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई है।आगामी यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग से जुड़े विषय महत्वपूर्ण रह सकते हैं।फिलहाल भारत और कनाडा के बीच उच्चस्तरीय बातचीत जारी है। दोनों पक्षों का उद्देश्य पिछले कुछ समय में बने सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाते हुए आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करना है।

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