IAEA ने इरान के नतांज़ यूरेनियम संवर्धन संयंत्र में दरवाज़ों को हुए नुकसान की पुष्टि की
Tehran तेहरान। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (International Atomic Energy Agency) ने ईरान के नतांज़ फ़्यूल एनरिचमेंट प्लांट (FEP) में हाल के दिनों में कुछ प्रवेश भवनों को हुए नुकसान की पुष्टि की है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि इससे कोई रेडियोलॉजिकल प्रभाव नहीं हुआ है। एजेंसी ने यह जानकारी नवीनतम उपग्रह चित्रों के विश्लेषण के आधार पर दी है।
नतांज़ संयंत्र, जो भूमिगत स्थित है और ईरान के प्रमुख यूरेनियम संवर्धन केंद्रों में से एक है, पिछले साल जून के संघर्ष के दौरान पहले ही गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका था। इस बार के नुकसान की पुष्टि से स्पष्ट होता है कि कुछ प्रवेश भवनों को निशाना बनाया गया, लेकिन मुख्य संयंत्र परिसर में कोई अतिरिक्त प्रभाव या रेडिएशन रिसाव नहीं देखा गया है।
IAEA ने कहा कि “नतांज़ के फ़्यूल एनरिचमेंट प्लांट (FEP) को अतिरिक्त प्रभाव नहीं देखा गया है, और कोई रेडियोलॉजिकल परिणाम अपेक्षित नहीं है।” यह बयान वैश्विक सुरक्षा समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी भी परमाणु सुविधा में रेडियोलॉजिकल प्रभाव का अर्थ गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय जोखिम हो सकता है।
हालांकि damage सतह पर दर्ज किया गया है, IAEA ने यह स्पष्ट किया कि संयंत्र के संचालन पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ा है। यह भी बताया गया कि संयंत्र में पहले से गंभीर क्षति थी, इसलिए हाल के नुकसान से किसी बड़े रेडियोलॉजिकल खतरे की अपेक्षा नहीं की जा रही है।
इस बीच, ईरान ने भी यह दावा किया कि उसके परमाणु स्थलों पर अमेरिकी और इज़राइली हमले हुए हैं, लेकिन एजेंसी का कहना है कि अभी तक किसी भी ज़हरीली स्थिति या रेडिएशन स्तर में वृद्धि का कोई संकेत नहीं मिला है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम परमाणु सुविधाओं के आसपास जारी तनाव के बीच नज़र रखा जा रहा है और एजेंसी की निगरानी इस क्षेत्र में व्यापक चिंता का विषय बनी हुई है।