दो हजार साल पुराने मंदिर में मिलीं हाइब्रिड ऊंट की मूर्तियां, दीवारों पर नजर आए ऐसे ऊंट
उनके बेटे क्राउन प्रिंस अब्दसामिया द्वारा संसोधित किया गया था.
वैसे तो हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को आधुनिक युग की देन माना जाता है लेकिन अब नई खोजों से पता चल रहा है कि हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के बारे में सैकड़ों साल पहले भी लोग जानते थे. ऐसा ही एक सबूत पुरातत्वविदों को हाल ही में मिला है.
मंदिर में मिलीं हाइब्रिड ऊंट की मूर्तियां
हमारी सहयोगी वेबसाइट WION की रिपोर्ट के अनुसार, पुरातत्वविदों को इराक में साइट की बहाली के लिए चल रही परियोजना में अल्लाट के मंदिर (Temple of Allat) में हाइब्रिड ऊंट की मूर्तियां मिलीं हैं.
दशकों से उपेक्षित था ये मंदिर
एंटीक्विटी मैग्जीन में पब्लिश एक रिपोर्ट के अनुसार, ये मंदिर दशकों से उपेक्षित पड़ा था. इसी बीच 2015 से 2017 के बीच इस्लामिक स्टेट संगठन द्वारा जानबूझकर यहां बर्बरता दिखाई गई जिससे ये मंदिर ध्वस्त सा हो गया.
चार चरणों में बना था ये मंदिर
अलीफ-आईएसएमईओ अनुसंधान परियोजना के हालिया निष्कर्ष बताते हैं कि अल्लाट का मंदिर का निर्माण कम से कम तीन और संभवतः चार चरणों में हुआ और बाद में इसमें और परिवर्तन भी हुए. मूल रूप से एक अरब देवता को समर्पित इस मंदिर को 168 ईस्वी के आसपास राजा सनात्रुक I और उनके बेटे क्राउन प्रिंस अब्दसामिया द्वारा संसोधित किया गया था.