बलूचिस्तान। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कथित जबरन गुमशुदगी के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। ताजा घटनाओं में अलग-अलग स्थानों से चार युवकों के लापता होने की खबर सामने आई है। इन मामलों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और फ्रंटियर कोर (FC) के कर्मियों पर युवकों को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थानों पर ले जाने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, कराची के ल्यारी इलाके का रहने वाला एक युवक लगभग चार महीने तक लापता रहने के बाद बरामद हुआ है।14 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, ग्वादर और चगाई जिलों में चार लोगों को कथित तौर पर सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में लिया था। इसके बाद से उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ग्वादर में घर से युवक को ले जाने का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, ग्वादर जिले के कलदान इलाके से 25 वर्षीय वलीद बलूच कथित तौर पर लापता हो गए हैं। वलीद के पिता का नाम मुराद बख्श बताया गया है।आरोप है कि 9 अक्टूबर 2026 की आधी रात के आसपास पाकिस्तानी सुरक्षाबल उनके घर पहुंचे और उन्हें हिरासत में लेकर चले गए।इस घटना के बाद वलीद बलूच का कोई पता नहीं चल सका है। उन्हें कहां रखा गया है और किस आधार पर हिरासत में लिया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
चगाई जिले से निसार मलंग लापता
दूसरी घटना बलूचिस्तान के चगाई जिले की बताई गई है। यहां किल्ली सरदार इलाके से 25 वर्षीय निसार मलंग को कथित तौर पर फ्रंटियर कोर के जवानों ने हिरासत में लिया।निसार के पिता का नाम मोहम्मद इब्राहिम है। रिपोर्ट के मुताबिक, घटना 8 अक्टूबर की सुबह लगभग 9 बजे हुई थी।आरोप है कि सुरक्षाकर्मी निसार को अपने साथ ले गए, जिसके बाद से उनके ठिकाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है।
दो अन्य युवकों के लापता होने की खबर
चगाई जिले से दो और युवकों की कथित जबरन गुमशुदगी की खबर सामने आई है।रिपोर्ट के अनुसार, 25 वर्षीय मोहम्मद आसिफ, पुत्र खालिक दाद, को 8 अक्टूबर की आधी रात के आसपास किल्ली पीर मोहम्मद इलाके से कथित तौर पर फ्रंटियर कोर के कर्मियों ने हिरासत में लिया था।इसी तरह 23 वर्षीय हाफिज जुबैर अहमद, पुत्र हाफिज अली अहमद, को 3 अक्टूबर की सुबह लगभग 4 बजे किल्ली हारून इलाके से कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने की सूचना है।दोनों मामलों में भी संबंधित युवकों का ठिकाना अज्ञात बताया गया है।
चार महीने बाद बरामद हुआ कराची का युवक
इन घटनाओं के बीच कराची के ल्यारी इलाके से लगभग चार महीने पहले लापता हुए युवक शाहजैब के मिलने की खबर सामने आई है।रिपोर्ट के अनुसार, समद के पुत्र शाहजैब को 1 जून 2026 को कथित तौर पर जबरन गायब कर दिया गया था।इसके बाद 7 अक्टूबर 2026 को उन्हें बलूचिस्तान के लसबेला जिले के उथल इलाके से बरामद किया गया।हालांकि, शाहजैब इतने लंबे समय तक कहां और किन परिस्थितियों में रहे, इसकी विस्तृत जानकारी रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी के आरोप लंबे समय से मानवाधिकार संगठनों और प्रभावित परिवारों के लिए चिंता का विषय रहे हैं।बलूचिस्तान मानवाधिकार परिषद (HRCB) के अगस्त 2026 के मासिक विवरण में जबरन गुमशुदगी के 87 मामले दर्ज किए जाने का दावा किया गया था।मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि कई घटनाओं की शिकायत डर, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और दबाव के कारण देर से सामने आती है। ऐसे में कथित गुमशुदगी के मामलों की वास्तविक संख्या का आकलन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
लापता लोगों का पता लगाने की मांग
लापता लोगों के परिवार और मानवाधिकार संगठन लंबे समय से ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच तथा प्रभावित व्यक्तियों का पता लगाने की मांग करते रहे हैं।संगठनों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को कानूनी आधार पर हिरासत में लिया जाता है, तो उसके परिजनों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए और उसे निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया के तहत प्रस्तुत किया जाना चाहिए।पाकिस्तानी अधिकारियों ने पूर्व में जबरन गुमशुदगी से जुड़े विभिन्न आरोपों से इनकार किया है। ताजा चार मामलों में सुरक्षाबलों की संलिप्तता का स्वतंत्र सत्यापन और संबंधित अधिकारियों का विस्तृत पक्ष उपलब्ध नहीं है।फिलहाल चार युवकों के लापता होने और एक युवक के चार महीने बाद मिलने की घटनाओं ने बलूचिस्तान में मानवाधिकारों तथा हिरासत की पारदर्शिता को लेकर जारी चिंताओं को फिर सामने ला दिया है।
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