पेरिस के पास फायरिंग में पाँच घायल, मैक्रों ने बताया नस्ली आतंकी हमला
भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
पेरिस: फ्रांस में प्रस्तावित प्रदर्शनों से पहले पेरिस के निकट गोलीबारी की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पाँच अन्य घायल हुए हैं। घायलों में 12 वर्षीय एक बच्ची भी शामिल है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे नस्ली आतंकवादी हमला बताया है। पुलिस ने संदिग्ध हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है और आतंकवाद निरोधक अभियोजकों ने जांच संभाल ली है।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को पेरिस के पश्चिम में स्थित ट्रैप और निकटवर्ती ला वेरिएर क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर गोलीबारी हुई। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध ने वाहन से कई जगह लोगों पर गोलियां चलाईं। उसे घटना शुरू होने के लगभग 20 मिनट के भीतर पकड़ लिया गया। जांच में पीड़ितों को उनकी त्वचा के रंग या अनुमानित धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाए जाने की आशंका की पड़ताल की जा रही है। ट्रैप के मेयर अली राबेह ने हमले की निंदा की। उन्होंने बताया कि पीड़ितों में अफ्रीकी और उत्तर अफ्रीकी मूल के लोग शामिल हैं। हालांकि, सभी पीड़ितों की पृष्ठभूमि का विस्तृत आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। हमलावर के उद्देश्य और संभावित विचारधारा को लेकर जांच जारी है।
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब फ्रांस में बढ़ती जीवनयापन लागत और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के विरोध में प्रदर्शन चल रहे हैं। पिछले सप्ताहांत कुछ शहरों में हिंसा और तोड़फोड़ हुई थी। शनिवार के प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार ने देशभर में लगभग 70 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी की है। गोलीबारी और प्रदर्शनों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच पेरिस स्थित भारतीय दूतावास ने फ्रांस में रहने वाले और यात्रा कर रहे भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नागरिकों से प्रदर्शन स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचने तथा स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। यह सलाह फ्रांस में जारी अशांति की पृष्ठभूमि में पहले जारी की गई थी; इसे गोलीबारी के बाद जारी नई चेतावनी नहीं माना जाना चाहिए। दूतावास ने आधिकारिक घोषणाओं और सार्वजनिक परिवहन में संभावित व्यवधानों पर नजर रखने की भी सलाह दी है। भारतीय नागरिकों को अपनी यात्रा की योजना स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बनाने और जरूरत पड़ने पर दूतावास के आधिकारिक सहायता माध्यमों से संपर्क करने को कहा गया है।