फ्रांस में शमोंडा वायरस से इंसानी संक्रमण का पहला मामला, डब्ल्यूएचओ ने दी जानकारी
नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देर रात पोस्ट कर बताया कि फ्रांस में शमोंडा वायरस से इंसानी बीमारी का पहला मामला दर्ज किया गया है। यह जानकारी 20 अक्टूबर 2026 को फ्रांस द्वारा दी गई।
शमोंडा वायरस एक ऐसा वायरस है जो मुख्य रूप से जानवरों को प्रभावित करता है। यह वायरस मवेशियों, भेड़ों, बकरियों और घोड़ों जैसे पशुओं में संक्रमण का कारण बनता है। अभी तक यह वायरस जानवरों तक ही सीमित माना जा रहा था, लेकिन फ्रांस में सामने आया यह पहला मामला बताता है कि वायरस इंसानों को भी संक्रमित कर सकता है।
माना जाता है कि शमोंडा वायरस जानवरों के बीच छोटी मक्खियों, जिन्हें मिजेस कहा जाता है, के काटने से फैलता है। यह वायरस सीधे एक जानवर से दूसरे जानवर में नहीं फैलता है। इसका एक अपवाद गर्भावस्था के दौरान है, जब संक्रमित जानवर अपने गर्भ में पल रहे बच्चे तक वायरस को पहुंचा सकता है।
इंसानों में इसका फैलाव कैसे होता है और क्या मिजेस के काटने से ही इंसानों में संक्रमण हुआ है, इसको लेकर अभी जांच जारी है। डब्ल्यूएचओ और फ्रांस के स्वास्थ्य अधिकारी इस पहलू की गहनता से जांच कर रहे हैं।
शमोंडा वायरस पहले से ही अफ्रीका के कई देशों और जापान में जानवरों के बीच मौजूद है। हालांकि, जून 2026 से इस वायरस ने यूरोप में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। पश्चिमी यूरोप के कई देशों जैसे जर्मनी, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम और फ्रांस में गायों और घोड़ों में इसके संक्रमण के मामले सामने आए हैं।
फ्रांस में इंसान में मिला मामला इसी क्रम में एक नई कड़ी है। फिलहाल यह एक अकेला और अलग-थलग मामला है। डब्ल्यूएचओ ने स्पष्ट किया है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, वह अपडेट साझा करता रहेगा। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि वह फ्रांसीसी अधिकारियों के संपर्क में है और स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।