Tehran तेहरान: अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार रात होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रवेश द्वार पर ईरानी सशस्त्र बलों की "दुश्मन के ठिकानों" के साथ हुई मुठभेड़ के कारण ईरान के दक्षिणी होर्मोज़गन प्रांत के केशम द्वीप पर दो धमाकों की आवाज सुनी गई।
तस्नीम ने जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से बताया कि धमाकों की आवाज़ स्थानीय समयानुसार रात 9:40 बजे (1810 GMT) सुनी गई। साथ ही यह भी कहा गया कि ईरानी नौसेना बलों की इस मुठभेड़ की "उपलब्धियों" की घोषणा आने वाले कुछ घंटों में की जाएगी।
एजेंसी ने होर्मोज़गन के राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक मामलों के डिप्टी गवर्नर अहमद नफीसी के हवाले से यह भी कहा कि केशम द्वीप और प्रांत की राजधानी बंदर अब्बास में किसी हमले या घटना की कोई खबर नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी धमाकों के कारणों का पता लगाने के लिए ज़रूरी जांच कर रहे हैं।
इससे पहले दिन में, सऊदी अरब के समाचार चैनल 'अल हदाथ' और 'अल अरबिया' ने उच्च-स्तरीय सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को 60 दिनों के लिए फिर से खोलने के समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनी है।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि इस समझौते का मकसद जलमार्ग में आवाजाही को फिर से शुरू करना है। इस समझौते को अभी ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की मंज़ूरी मिलनी बाकी है और इसकी घोषणा कुछ दिनों के भीतर की जा सकती है।
सूत्रों ने बताया कि जलडमरूमध्य में प्रवेश करने वाले जहाज़ ईरान के करीब वाले रास्ते का इस्तेमाल करेंगे, जबकि बाहर निकलने वाले जहाज़ ओमान के करीब वाले रास्ते से गुज़रेंगे। कोई ट्रांज़िट शुल्क या सर्विस चार्ज नहीं लगाया जाएगा, और क्षेत्रीय पक्ष बारूदी सुरंग हटाने (demining) और तकनीकी प्रक्रियाओं में शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों ने कहा कि समझौते को मंज़ूरी मिलने के बाद, अमेरिका और ईरान अपने शांति समझौता ज्ञापन (MoU) पर वापस लौटेंगे और जलडमरूमध्य से होकर कमर्शियल जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही और उसे फिर से खोलने से संबंधित पैराग्राफ 5 को लागू करेंगे।
सूत्रों ने आगे बताया कि मध्यस्थों के ज़रिए ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क बना हुआ है और यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है।
ईरान ने 28 फरवरी को जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली थी और इज़राइल व अमेरिका के या उनसे जुड़े जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही पर रोक लगा दी थी। यह कदम ईरानी क्षेत्र पर उनके संयुक्त हमलों के बाद उठाया गया था।