World वर्ल्ड: यूरोपीय आयोग (European Commission) पर पर्यावरण और मानवाधिकार संगठनों ने शुक्रवार को गंभीर आरोप लगाए हैं। आठ संगठनों, जिनमें लीगल एनजीओ क्लाइंटअर्थ भी शामिल है, ने आयोग पर यह आरोप लगाया है कि उसने बिना सार्वजनिक राय और प्रभाव मूल्यांकन के 'ओम्निबस' नामक प्रस्ताव लाकर हजारों छोटे व्यवसायों को EU की सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग से छूट देने की योजना बनाई।
इसके साथ ही, बड़े कारोबारों की मानवाधिकार और पर्यावरण की ज़िम्मेदारी की शर्तों को भी सीमित किया गया है।शिकायतकर्ताओं ने कहा कि आयोग ने कानून में बदलाव से पहले केवल इंडस्ट्री लॉबिस्टों से बंद कमरों में बैठकें कीं, जबकि आम जनता की राय नहीं ली।
यूरोपीय ओम्बड्समैन को अब तय करना है कि इस शिकायत पर जांच शुरू की जाए या नहीं।