विज्ञानं से जुड़ी बड़ी खबर. एलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है. 13 अक्टूबर को कंपनी ने अपने स्टारशिप वर्जन-2 रॉकेट का 11वां और आखिरी टेस्ट मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया. यह उड़ान लगभग एक घंटे तक चली और अपने सभी लक्ष्य पूरे किए.
टेक्सास के स्टारबेस सेंटर से लॉन्च हुए इस मिशन के दौरान सुपर हैवी बूस्टर ने उड़ान के 10 मिनट बाद ही मेक्सिको की खाड़ी में सुरक्षित लैंडिंग की. वहीं, स्टारशिप ने अंतरिक्ष में पहुंचकर डमी स्टारलिंक सैटेलाइट्स छोड़े और इंजन को दोबारा चालू करने का सफल परीक्षण किया, जो चांद और मंगल मिशन के लिए बहुत जरूरी है. रॉकेट जब धरती पर लौटा तो उसने वायुमंडल की गर्मी का सामना करते हुए हिंद महासागर में सुरक्षित स्प्लैशडाउन किया. कंपनी का कहना है कि इस मिशन से जो डेटा मिला है, वह अगले मॉडल को और बेहतर बनाने में काम आएगा.
इससे पहले इस साल की शुरुआत में स्टारशिप के कई परीक्षण फेल हुए थे, लेकिन लगातार दूसरी सफलता ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया है. अब कंपनी स्टारशिप वर्जन-3 लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जो पहले से ज्यादा ताकतवर होगा. वर्जन 3 की ऊंचाई लगभग 408 फीट (124.4 मीटर) होगी, जबकि "फ्यूचर स्टारशिप", जिसे एलॉन मस्क ने मई 2025 के प्रेजेंटेशन में दिखाया था, जमीन से 466 फीट (142 मीटर) ऊंची होगी. माना जा रहा है कि यह "फ्यूचर स्टारशिप" वर्जन 4 होगी, जिसे मस्क ने 2027 में लॉन्च करने की बात कही है.
स्पेसएक्स इस रॉकेट को NASA के आर्टेमिस प्रोग्राम के लिए भी तैयार कर रही है, जिसके तहत 2027 तक इंसानों को दोबारा चांद पर भेजने की योजना है. यह मिशन कंपनी के मंगल मिशन की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है.