वर्ल्ड | पहले से गृहयुद्ध और मानवीय संकट से जूझ रहे म्यांमार को अब भूकंप ने और गहरा जख्म दे दिया। 7.2 तीव्रता के इस भीषण भूकंप ने 154 से ज्यादा जिंदगियां छीन लीं, सैकड़ों घायल हो गए और कई इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं। पहले से अस्थिर देश के लिए यह झटका और भी भारी साबित हो सकता है।

पहले से ही मुश्किल में था म्यांमार

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद से गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। लाखों लोग बेघर और विस्थापित हो चुके हैं। स्वास्थ्य और खाद्य संकट ने पहले ही देश को कमजोर कर दिया था, और अब भूकंप ने इन मुसीबतों को कई गुना बढ़ा दिया है।

भूकंप का असर और हालात

  • रिक्टर स्केल पर 7.2 की तीव्रता

  • सैकड़ों मौतें, हजारों बेघर

  • अस्पताल और राहत केंद्रों पर भारी दबाव

  • थाईलैंड, बांग्लादेश और भारत तक महसूस हुए झटके

बचाव कार्य में चुनौतियां

म्यांमार में पहले से राजनीतिक अस्थिरता के चलते राहत अभियान धीमा हो सकता है। बिजली गुल है, संचार सेवाएं ठप हैं और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।

क्या होगा आगे?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं पहुंची, तो यह आपदा और विकराल रूप ले सकती है। म्यांमार के संकट में अब भूकंप ने नया मोड़ जोड़ दिया है, जिससे देश को उबरने में लंबा वक्त लग सकता है।


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