काठमांडू: नेपाल में बाढ़ त्रासदी के बीच बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि बाढ़ के बाद 2294 स्थानीय नागरिकों और 171 विदेशी नागरिकों का अब तक पता नहीं चल सका है। इस तरह कुल 2465 लोगों के लापता होने की बात कही गई है। साथ ही संबंधित अधिकारियों की ओर से लापता लोगों की सूची जारी किए जाने का दावा भी किया जा रहा है। हालांकि, इन आंकड़ों और सूची की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी आवश्यक है।
नेपाल अपनी भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील देश है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो जाता है। बाढ़ के साथ भूस्खलन होने की स्थिति में सड़क संपर्क, संचार सुविधाएं और आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
लापता लोगों की संख्या को लेकर सामने आए दावे ने आपदा के संभावित मानवीय प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से 171 विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी महत्वपूर्ण है, क्योंकि नेपाल में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक पर्वतीय पर्यटन, ट्रेकिंग और धार्मिक यात्राओं के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बताए गए विदेशी नागरिक किन देशों के हैं और वे किन स्थानों से लापता हुए हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने 7 नवंबर 2026 को भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ से लापता लोगों की सूची जारी की है। यह आपदा 26 अगस्त को आई थी। प्राधिकरण के अनुसार, देश के 32 जिलों से 2294 नेपाली नागरिक और सात देशों के 171 विदेशी नागरिक लापता लोगों की सत्यापित सूची में शामिल हैं।
इस विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 1455 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि शुरुआती आंकड़ों में 5285 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई थी। सरकार ने करीब 40 दिनों तक चले खोज एवं बचाव अभियान को समाप्त कर दिया था। इसके लगभग एक महीने बाद लापता लोगों की सत्यापित सूची सार्वजनिक की गई है। हालांकि, नई सूची में दर्ज 2465 लोगों की संख्या को पहले बताए गए कुल लापता लोगों के आंकड़े से अलग समझना जरूरी है।
जिलावार जानकारी के अनुसार, रसुवा जिला सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने का विवरण सामने आया है। इसके अलावा सिंधुपालचोक, बर्दिया, जुम्ला, कैलाली, सप्तरी, दांग, रामेछाप और सिंधुली सहित अन्य जिलों के नागरिक भी सूची में शामिल हैं। प्राधिकरण ने संबंधित जिला आपदा प्रबंधन समितियों से प्राप्त सत्यापित विवरण के आधार पर यह सूची तैयार की है। विदेशी नागरिकों की सूची में मलेशिया और यूक्रेन के 54-54 लोग शामिल हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के 33, रूस के 11, दक्षिण कोरिया के नौ, जर्मनी के आठ और इटली के दो नागरिक लापता बताए गए हैं। इन सात देशों के नागरिकों की जानकारी नेपाल में संबंधित राजनयिक मिशनों और विदेश मंत्रालय के कांसुलर सेवा विभाग के माध्यम से प्राप्त हुई है।
भारतीय नागरिकों के संबंध में अधिकृत सूची उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके आंकड़े इस सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि विदेशी नागरिकों के बारे में अतिरिक्त जानकारी संबंधित दूतावासों से मिलने पर सूची को अपडेट किया जाएगा। इससे लापता विदेशी नागरिकों के बारे में जानकारी जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
प्राधिकरण ने सार्वजनिक सूची में शामिल किसी व्यक्ति के जीवित मिलने या सुरक्षित होने की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित व्यक्ति अथवा उसके परिवार को सात दिनों के भीतर दावा प्रस्तुत करने के लिए कहा है। सूची में नाम, पता या अन्य विवरण में गलती होने पर भी सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन कार्यालय अथवा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से संपर्क किया जा सकता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान सूची अंतिम नहीं है। अन्य जिलों और विदेशी राजनयिक मिशनों से अतिरिक्त विवरण प्राप्त होने के बाद नई जानकारी जारी की जाएगी। लापता लोगों की पहचान और उनके कानूनी दर्जे को स्पष्ट करने के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नेपाल की इस भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों को प्रभावित किया है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से परिजनों के सामने अपने प्रियजनों की जानकारी प्राप्त करने की चुनौती बनी हुई है। सरकारी सूची जारी होने से प्रभावित परिवारों को नामों की जांच करने और आवश्यक दावे प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। फिलहाल नेपाल सरकार का ध्यान लापता लोगों से संबंधित रिकॉर्ड को अंतिम रूप देने, परिवारों के दावों की जांच करने और आपदा के बाद की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने पर केंद्रित है। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे आधिकारिक सूची की जांच करें और किसी भी त्रुटि या नई जानकारी की सूचना निर्धारित समय के भीतर संबंधित अधिकारियों को दें।
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