जिनेवा।संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 63वें सत्र के बीच जिनेवा में बांग्लादेश और पाकिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर बांग्लादेशी प्रवासियों ने अपनी आवाज उठाई। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के पास स्थित प्रसिद्ध ‘ब्रोकन चेयर’ स्मारक के नजदीक तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें तस्वीरों और पोस्टरों के माध्यम से दोनों देशों से जुड़े मानवाधिकार मुद्दों को सामने रखने का प्रयास किया गया।
आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शनी में करीब 30 पोस्टर लगाए गए। इनमें 15 पोस्टर बांग्लादेश और 15 पाकिस्तान से संबंधित बताए गए। पोस्टरों में विभिन्न घटनाओं और मानवाधिकार से जुड़े विषयों को तस्वीरों तथा संक्षिप्त विवरणों के जरिए प्रदर्शित किया गया। आयोजकों ने कहा कि उनका उद्देश्य इन मुद्दों की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों का ध्यान आकर्षित करना है।
यह आयोजन ऐसे समय हुआ है जब जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का 63वां नियमित सत्र चल रहा है। परिषद का यह सत्र 7 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। दुनिया के अलग-अलग देशों से जुड़े मानवाधिकार विषय इस सत्र में चर्चा का हिस्सा हैं। इसी कारण परिषद के सत्र के दौरान जिनेवा में मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न समूह और संगठन भी अपनी चिंताओं को सामने रख रहे हैं।
प्रदर्शनी के दौरान बांग्लादेश के पूर्व सांसद अबू सईद अल महमूद स्वपन ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बांग्लादेश में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन की ओर वैश्विक समुदाय का ध्यान खींचना है। स्वपन ने कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा कार्यालय के सामने ‘ब्रोकन चेयर’ के पास बांग्लादेश और पाकिस्तान से जुड़े मानवाधिकार मुद्दों पर पोस्टर प्रदर्शनी आयोजित कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश में मानवाधिकारों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक चर्चा की आवश्यकता है। उनके मुताबिक, प्रदर्शनी के माध्यम से उन घटनाओं और परिस्थितियों को तस्वीरों के जरिए सामने रखने की कोशिश की गई है, जिन्हें आयोजक मानवाधिकार उल्लंघन से जोड़ते हैं।
आयोजकों का कहना है कि फोटो प्रदर्शनी का माध्यम इसलिए चुना गया क्योंकि तस्वीरें किसी घटना या परिस्थिति को लोगों तक सीधे पहुंचाने का प्रभावी तरीका होती हैं। यहां आने वाले लोगों को पोस्टरों के माध्यम से बांग्लादेश और पाकिस्तान की परिस्थितियों के बारे में आयोजकों का पक्ष बताया गया। हालांकि, प्रदर्शनी में लगाए गए आरोप संबंधित आयोजकों और वक्ताओं के दावे हैं और उन्हें स्वतंत्र आधिकारिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने भी मानवाधिकार संरक्षण को लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका पर जोर दिया। उनका कहना था कि संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंच के आसपास इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने से उनकी चिंताओं को व्यापक स्तर पर सामने रखने का अवसर मिलता है।
‘ब्रोकन चेयर’ जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के सामने स्थित एक चर्चित स्मारक है। मानवाधिकार और मानवीय मुद्दों से जुड़े कई सार्वजनिक कार्यक्रम, प्रदर्शन और जागरूकता अभियान इसके आसपास आयोजित होते रहे हैं। इसी वजह से आयोजकों ने अपनी तीन दिवसीय प्रदर्शनी के लिए इस स्थान को चुना।
प्रदर्शनी में पाकिस्तान से संबंधित 15 पोस्टर भी लगाए जाने की बात कही गई। आयोजकों ने इनके माध्यम से पाकिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़े विषयों को उठाया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि मानवाधिकारों का संरक्षण किसी एक देश तक सीमित मुद्दा नहीं है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को विभिन्न क्षेत्रों में सामने आने वाली शिकायतों तथा आरोपों पर ध्यान देना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद दुनिया भर में मानवाधिकारों के संवर्धन और संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विचार करने वाला संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख अंतर-सरकारी निकाय है। इसके नियमित सत्रों में विभिन्न देशों की मानवाधिकार परिस्थितियों के साथ कई विषयगत मुद्दों, विशेषज्ञ रिपोर्टों और जांच तंत्रों पर चर्चा होती है।
63वें सत्र के दौरान भी कई देशों और वैश्विक मानवाधिकार विषयों पर चर्चा हो रही है। ऐसे में जिनेवा में मौजूद नागरिक संगठनों और प्रवासी समूहों के लिए यह अवधि अपने मुद्दे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर बनती है।
तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी के आयोजकों ने कहा कि उनका प्रयास बांग्लादेश और पाकिस्तान से जुड़े मानवाधिकार मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखना है। पूर्व सांसद स्वपन ने भी वैश्विक समुदाय से इन आरोपों और चिंताओं पर ध्यान देने की अपील की। प्रदर्शनी के माध्यम से आयोजकों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि मानवाधिकार से जुड़े मामलों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद और जवाबदेही बनी रहनी चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक रिकॉर्ड में 63वां नियमित सत्र जिनेवा के Palais des Nations में **7 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026** तक दर्ज है।