पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने बुधवार को अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ इस्लामाबाद की ओर मार्च किया। इमरान खान का लान्ग मार्च इस्लामाबाद में प्रवेश कर चुका है। इस्लामाबाद में आने से पहले ही पीटीआइ (PTI) के कई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। झड़प के बाद कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। समा न्यूज के मुताबिक, इस झड़प के बाद इस्लामाबाद के चाइना चौंक मेट्रो स्टेशन में आग लगा दी गई। प्रदर्शन के बीच इस्लामाबाद में बिगड़ते कानून-व्यवस्था के मद्देनजर पाकिस्तान की सरकार ने पाकिस्तान की सेना को शहर में तैनात करने का आदेश दिया है।

प्रदर्शनकारियों ने हिंसक घटनाओं को दिया अंंजाम
बता दे कि इमरान खान ने जल्द चुनाव कराने के दबाव के तहत आजादी मार्च का एलान किया है। बता दें कि इस मार्च में शामिल होने वाले लोग बेकाबू हो रहे हैं, जिसके कारण कई जगहों पर हिंसक घटनाएं भी घट रही है। इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों ने कई पेड़ और गाड़ियों को जला दिया है। पाकिस्तान प्रशासन को आग बुझाने के लिए दमकल गाड़ियों को सहारा लेना पड़ा है।
डी-चौंक की ओर जाने से रोका गया


बता दें कि पाकिस्तान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इमरान खान के समर्थकों को डी-चौंक, इस्लामाबाद की ओर जाने से रोका जा रहा था, जिसके बाद पुलिस और पीटीआइ के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इमरान खान ने इस मार्च का समर्थन करने का एलान करते हुए सभी पाकिस्तानियों को सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करने की गुजारिश की है। महिलाओं और बच्चों को भी घरों से बाहर आने की अपील की गई है।
पंजाब प्रातं के सीनेटर एओन अब्बास बुप्पी ने कहा, 'डी-चौक पर 2.30 बजे हैं और गोलाबारी जारी है। भगवान जाने इमरान खान के आने से पहले वे और कितने राउंड गोलाबारी करेंगे।'
इस्लामाबाद में इमरान खान की पार्टी के कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प के बीच पीटीआइ के आधिकारिक अकाउंट से ट्वीट किया गया, 'पाकिस्तान के लोगों द्वारा अपनी जान बचाने के लिए जबरदस्त प्रयास !! माशाअल्लाह, अल्लाह आप (प्रदर्शनकारियों) लोगो को सलामत रखे वे क्या पारी खेल रहे हैं।'
पाकिस्तान के एक पत्रकार ने 'इमरान खान के मार्च टू कैओस' शीर्षक से एक ओपिनियन पीस में कहा कि इस्लामाबाद में पीटीआइ मार्च पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले के बाद देश राजनीतिक टकराव की ओर बढ़ रहा है।
डान अखबार में लेखक जाहिद हुसैन ने लिखा, 'विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई और राजधानी की सीलिंग ने बेहद अस्थिर स्थिति पैदा कर दी है। सरकार पहले से ही घबरा रही है।' इमरान खान द्वारा शुरू किए गए विरोध मार्च के कारण बढ़ती अशांति को नियंत्रित करने में विफल, शहबाज शरीफ सरकार को रेड जोन की रक्षा के लिए सेना बुलाने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री और पीटीआई प्रमुख ने गुरुवार तड़के इस्लामाबाद में प्रवेश किया।
सेना की हुई तैनाती
पाकिस्तान का आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह ने ट्विटर पर पोस्ट किए लिखा कि इस्लामाबाद में बिगड़ते कानून- व्यवस्था का हवाला देते हुए और इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 245 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर पाकिस्तानी सेना की पर्याप्त संख्या में सैनिकों की तैनाती की जाती है। पाकिस्तान देश में बढ़ते तनाव के बीच इमरान खान के इस्लामाबाद में प्रवेश करने के बाद पाकिस्तान सरकार ने महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की सुरक्षा के लिए सेना को 'रेड जोन' में तैनात किया है।
सरकार के आदेश में कहा गया है कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट, संसद भवन, प्रेसीडेंसी, प्रधान मंत्री कार्यालय और अन्य सहित महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की सुरक्षा के लिए यह निर्णय लिया गया। इस हिंसक घटना के बीच पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने ट्वीट किया, 'हम मानते हैं कि सभी नागरिकों और सभी राजनीतिक दलों को शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने और विरोध करने का पूरा अधिकार है।'
बता दें कि इमरान खान ने कहा है कि जब तक पाकिस्तान में चुनाव का ऐलान नहीं हो जाता तबतक इस्लामाबाद में धरना प्रदर्शन और मार्च चलता रहेगा।

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