क्रिसमस अभी खत्म नहीं हुआ, इन 15 देशों में 7 जनवरी को मनाया जाएगा...जानिए इसकी वजह

दुनियाभर के ईसाई समुदाय के लोगों के लिए 25 दिसंबर की तारीख बेहद खास होती है. माना जाता है कि इसी दिन ईसा मसीह का जन्म हुआ था

Update: 2020-12-26 12:16 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क| दुनियाभर के ईसाई समुदाय के लोगों के लिए 25 दिसंबर की तारीख बेहद खास होती है. माना जाता है कि इसी दिन ईसा मसीह का जन्म हुआ था. मदर मैरी, जिन्हें मरियम भी कहा जाता है, उन्होंने ईश्वर के दूत ईसा मसीह (Jesus Christ) को आज ही के दिन जन्म दिया था. यही वजह है कि दुनियाभर के ज्यादातर देश 25 दिसंबर केा क्रिसमस (Merry Christmas) मनाते हैं.

ज्यादातर देशों ने कल यानी 25 दिसंबर, शुक्रवार को क्रिसमस (Christmas Celebration) मनाया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के सारे देशों में कल क्रिसमस नहीं मनाया गया. कुछ ऐसे भी देश हैं, जहां 25 दिसंबर को नहीं, बल्कि जनवरी में क्रिसमस मनाया जाएगा. ऐसे 2-4 नहीं बल्कि 15 देश हैं. इस वजह से इन देशों को रूढ़िवादी भी कहा जाता है.

जनवरी में क्रिसमस मनाने वालों में रूस समेत मध्य-पूर्व के कई देश शामिल हैं. ये देश दुनियाभर के ज्यादातर देशों से अलग जनवरी में सात तारीख को क्रिसमस मनाते हैं. यानी ज्यादातर देशों के 13 दिन बाद सात जनवरी को इन देशों में क्रिसमस मनाया जाता है.
7 जनवरी को क्रिसमस मनाने वाले देश
सात जनवरी को ​क्रिसमस मनाने के ​पीछे की वजह जानने से पहले हम आपको बताते हैं कि वे 15 देश कौन से हैं. ऐसा करने वाले देशों में बड़ा नाम है रूस, मिस्र और इजरायल का. इन देशों के अलावा यूक्रेन, बुल्गारिया, माल्डोवा, मैक्डोनिया, इथियोपिया, जॉर्जिया, ग्रीस, रोमानिया, सर्बिया, बेलारूस, मोंटेनेग्रो और कजाखस्तान में भी 25 दिसंबर की बजाय सात जनवरी को क्रिसमस मनाया जाता है.
आखिर क्या है कारण?
इन देशों में 25 दिसंबर की बजाय 7 जनवरी को क्रिसमस मनाने के पीछे की वजह कैलेंडर है. दरअसल, ग्रेगोरियन और जूलियन कैलेंडर में अंतर होता है, जिस कारण तारीख में बदलाव रहता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर को वर्ष 1582 में पोप ग्रेगोरी ने शुरू किया था, जबकि जूलियन कैलेंडर को 46 BC में जूलियस सीजर ने शुरू किया था. दोनों के बीच 13 दिन का अंतर होता है.
अलग-अलग देशों में अलग-अलग कैलेंडर फॉलो किए जाते हैं. वर्ष 1752 में इंग्लैंड ने जूलियन कैलेंडर की जगह ग्रेगोरियन कैलेंडर फॉलो करना शुरू कर दिया. पश्चिम के ज्यादातर देश इसी कैलेंडर को फॉलो करते आ रहे हैं. हालांकि, बहुत सारे लोगों ने नए कैलेंडर को नहीं माना और पहले से ही चले आ रहे जूलियन कैलेंडर को ही फॉलो किया.
स्कूपव्हूप की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य पूर्व के कुछ लोग अब भी जूलियन कैलेंडर को फॉलो करते आ रहे हैं. दोनों कैलेंडर के बीच 13 दिनों का फर्क होने के कारण, जूलियन कैलेंडर को फॉलो करने वाले देशों में 7 जनवरी को क्रिसमस डे मनाया जाता है. इसे 'ओल्ड क्रिसमस डे' कहा जाता है.


Tags:    

Similar News