विजयवाड़ा। भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक संबंधों और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग अपनी पत्नी टैन युक्सियू के साथ 16 से 18 अक्टूबर 2026 तक आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा का दौरा करेंगे। इस दौरान दोनों विजयवाड़ा उत्सव 2026 में शामिल होंगे। चीनी राजदूत ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को पत्र लिखकर कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि की है। उन्होंने निमंत्रण के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया है।चीनी राजदूत का यह प्रस्तावित दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग और आम नागरिकों के बीच संपर्क को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। शू फेइहोंग ने अपने पत्र में भारत और चीन की प्राचीन सभ्यताओं तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का निमंत्रण स्वीकार
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चीनी राजदूत को विजयवाड़ा उत्सव 2026 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था। इस निमंत्रण का जवाब देते हुए शू फेइहोंग ने औपचारिक पत्र के माध्यम से अपनी सहमति जताई।उन्होंने पत्र में लिखा कि विजयवाड़ा उत्सव में शामिल होने के लिए मिले स्नेहपूर्ण निमंत्रण के प्रति वह हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यह पुष्टि करते हुए खुशी हो रही है कि वह अपनी पत्नी टैन युक्सियू के साथ 16 से 18 अक्टूबर तक विजयवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।उनकी इस स्वीकृति के बाद विजयवाड़ा उत्सव में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व का एक महत्वपूर्ण पहलू जुड़ गया है।
भारत और चीन की प्राचीन सभ्यताओं का किया जिक्र
चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने अपने पत्र में दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन दुनिया की प्राचीन सभ्यताओं में शामिल हैं और दोनों देशों की सांस्कृतिक परंपराएं बेहद समृद्ध रही हैं।राजदूत के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाना और लोगों के बीच आपसी संपर्क मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम और आपसी संवाद दोनों देशों के नागरिकों को एक-दूसरे की परंपराओं और विरासत को समझने के अवसर प्रदान करते हैं।राजदूत ने स्पष्ट किया कि भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आगे बढ़ाना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।
विजयवाड़ा उत्सव में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
आंध्र प्रदेश में आयोजित विजयवाड़ा उत्सव सांस्कृतिक गतिविधियों और स्थानीय परंपराओं को प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से क्षेत्र की कला, विरासत और परंपराओं को सामने लाया जा रहा है।इस आयोजन में चीन के राजदूत और उनकी पत्नी की प्रस्तावित भागीदारी से कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिलने की संभावना है।विजयवाड़ा उत्सव में इससे पहले भी प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की भागीदारी सामने आ चुकी है। 13 अक्टूबर को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखीं।
सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर
भारत और चीन के बीच संबंधों में सांस्कृतिक सहयोग एक महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। दोनों देशों की ऐतिहासिक विरासत, कला और परंपराएं आपसी संवाद का आधार प्रदान करती हैं।शू फेइहोंग ने अपने पत्र में इसी पहलू पर जोर देते हुए कहा कि सांस्कृतिक और जनस्तरीय आदान-प्रदान को बढ़ावा देना जरूरी है। उनके बयान का मुख्य संदेश दोनों देशों के लोगों के बीच बेहतर समझ और संपर्क को प्रोत्साहित करना है।
16 से 18 अक्टूबर तक विजयवाड़ा में रहेंगे राजदूत
तय कार्यक्रम के अनुसार चीनी राजदूत शू फेइहोंग और उनकी पत्नी टैन युक्सियू 16 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक विजयवाड़ा का दौरा करेंगे। इस दौरान वे विजयवाड़ा उत्सव 2026 में शामिल होंगे।राजदूत की ओर से कार्यक्रम में भागीदारी की पुष्टि हो चुकी है। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक उत्सव में शामिल होना और भारत-चीन के बीच लोगों के स्तर पर आपसी संबंधों के महत्व को रेखांकित करना है।