ब्रिटेन। ठगों के गिरोह ने जालसाजी का शातिर तरीका अपनाया. इन लोगों ने अकाउंट होल्‍डर्स के नाम पर बैंक कार्डों (ATM कार्ड) की डिलीवरी करवाई, जैसे ही ये कार्ड लैटरबॉक्‍स में पहुंचते, ठग इसे बाहर निकाल लेते थे. इसके बाद फिशिंग कर इन बैंक कार्डों से 11 लाख रुपए से ज्‍यादा निकाल लिए. यह मामला ब्रिटेन में सामने आया.

'द मिरर' की रिपोर्ट के मुताबिक, जब बैंक कार्ड लैटरबॉक्‍स में पहुंचते थे तो ठग Fly Swatter में टेप चिपकाकर इनको बाहर निकाल लेते थे. इस मामले की सुनवाई मेड्सटोन क्राउन कोर्ट (Maidstone Crown Court) में हुई. इसमें सामने आया कि इन जालसाजों ने 'अमीर इलाकों' में 10 लोगों को इस तरह चार महीनों के दौरान शिकार बनाया. हाल में ठग की उस समय गिरफ्तारी हुई जब वह अपनी कार में बैठा था. इस शख्‍स के पास Fly Swatter मिले, Fly Swatter के अगले हिस्‍से पर टेप चिपका था. ठगी के इस मामले में गैंग के सरगना को 19 महीने कैद की सजा सुनाई गई, उसने तीन मामलों में जालसाजी की बात कबूली है.

जालसाज बारबक केंट का रहने वाला है, लेकिन उसने हिरासत में ही अपनी सजा का समय पूरा कर लिया. ऐसे में उसे तुरंत ही रिहा कर दिया गया. प्रॉसेक्यूटर मेरिक विलियम्‍स ने बताया कि जालसाज ने 12 अलग लोगों के नाम पर अमेरिकन एक्‍सप्रेस, सानटानडर, नैटवेस्‍ट, बार्सिलिस के कार्ड ऑर्डर किए थे. विलियम्‍स ने कहा कि कार्ड का उपयोग कर 11 लाख रुपए से ज्‍यादा निकाले गए हैं, वहीं पुलिस ने आशंका जताई कि साढ़े चार लाख रुपए से भी ज्‍यादा बैंक कार्ड से गायब हुए हैं.

वहीं, बचाव पक्ष के वकील डैनी मूरे ने कहा कि ठगी का यह मामला चालाकी नहीं दर्शाता है. हालांकि, इस मामले में जज रॉबर्ट लाजारस ने आरोपी बारबक के खिलाफ सख्‍त टिप्‍पणी की.


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