जिनेवा : बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने जिनेवा में बलूचिस्तान समेत पाकिस्तान के कुछ क्षेत्रों में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने, बिना कानूनी प्रक्रिया के हत्याओं, मानवाधिकारों के उल्लंघन और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित रूप से झूठे मामलों में कार्रवाई की जा रही है।BNM की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शन स्थल ‘ब्रोकन चेयर’ के पास था। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान बलूचिस्तान, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और कश्मीर में मानवाधिकारों की स्थिति की ओर आकर्षित करने की मांग की।
सितंबर अभियान का हिस्सा था प्रदर्शन
BNM के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन उसके सितंबर 2026 जिनेवा अभियान का हिस्सा था। इस अभियान में बलूचिस्तान, सिंध, पश्तून समुदाय, पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान (PoGB) और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।संगठन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाना है।
संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के बाहर जुटे प्रदर्शनकारी
BNM की पोस्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर नारे लगाए और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों पर ध्यान देने की अपील की।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने जबरन गायब किए गए लोगों के परिवारों की समस्याओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में परिवारों को लंबे समय तक अपने प्रियजनों की जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे उन्हें मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
BNM नेताओं ने रखी अपनी बात
BNM की ओर से बताया गया कि प्रदर्शन को संबोधित करने वालों में संगठन के चेयरमैन डॉ. नसीम बलूच, विदेश सचिव फहीम बलूच, केंद्रीय जूनियर संयुक्त सचिव हसन दोस्त बलूच, विदेश विभाग के फोकल पर्सन हकीम बलूच शामिल थे।इसके अलावा ‘वॉयस फॉर मिसिंग पर्सन्स ऑफ सिंध’ के सारंग हैदर, मानवाधिकार कार्यकर्ता नूर मरियम कंवर और ‘वर्ल्ड सिंधी कांग्रेस’ के कामरान जतोई ने भी सभा को संबोधित किया।वक्ताओं ने कथित तौर पर लापता किए गए लोगों के परिवारों की स्थिति पर प्रकाश डाला और कहा कि कई परिवार अपने रिश्तेदारों की जानकारी के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं।
राजनीतिक कार्यकर्ताओं से जुड़े मामलों का मुद्दा उठाया
प्रदर्शनकारियों ने राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित कार्रवाई और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर भी अपनी चिंताएं रखीं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से इन मामलों पर नजर रखने और मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की अपील की।BNM का कहना है कि इस तरह के मुद्दों को वैश्विक मंचों पर उठाना जरूरी है ताकि प्रभावित लोगों की आवाज सामने आ सके।
मानवाधिकार मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान की मांग
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने बलूचिस्तान, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और कश्मीर से जुड़े मानवाधिकार मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ध्यान देने की अपील की।उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा, न्याय और अधिकारों से जुड़े मामलों पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।
पाकिस्तान की ओर से अलग रुख
मानवाधिकारों से जुड़े इन आरोपों पर पाकिस्तान सरकार और संबंधित संस्थाओं का पक्ष अलग हो सकता है। ऐसे मामलों में विभिन्न पक्ष अपने-अपने दावे और तर्क रखते रहे हैं।फिलहाल BNM का जिनेवा प्रदर्शन संगठन के अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बताया गया है। इसके जरिए संगठन ने संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक समुदाय के सामने अपनी चिंताओं को रखने का प्रयास किया है।