US-Iran समझौते पर बड़ा खुलासा, पाकिस्तान ने बताया—समझौता तत्काल प्रभाव से लागू
Washington वाशिंगटन : बुधवार को अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने ईरान के साथ हुए एक समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) को पत्रकारों के सामने पढ़कर सुनाया। इससे पहले कई दिनों तक इस दस्तावेज़ की सामग्री को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था और किसी को भी इसके विवरण की जानकारी नहीं दी गई थी। अचानक इस तरह सार्वजनिक रूप से जानकारी साझा किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस समझौते को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी पत्रकारों को नाम न बताने की शर्त पर दी। उन्होंने समझौते के प्रमुख बिंदुओं को विस्तार से बताया और इसके ढांचे को सामने रखा। बताया गया कि यह कदम उस समय उठाया गया जब आने वाले शुक्रवार को होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर समारोह की तैयारी चल रही थी।
इस बीच, ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बाद में इस समझौते का पूरा टेक्स्ट जारी किया। जारी किए गए दस्तावेज़ की भाषा और विवरण काफी हद तक उस जानकारी से मेल खाते थे, जो अमेरिकी पक्ष ने पहले सार्वजनिक रूप से साझा की थी। इससे यह संकेत मिला कि दोनों पक्षों के बीच समझौते के बुनियादी बिंदुओं पर सहमति बनी हुई है।
इसी दौरान क्षेत्रीय कूटनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भी इस मामले पर बयान दिया। पाकिस्तान लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है। शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं ने इस समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उनके इस बयान ने समझौते की स्थिति को और स्पष्ट कर दिया, हालांकि इससे पहले तक औपचारिक पुष्टि को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी।
जानकारी के अनुसार, इस समझौते को लेकर पिछले कई दिनों तक गोपनीयता बनाए रखी गई थी। किसी भी आधिकारिक मंच पर इसके विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए थे। लेकिन बुधवार को अमेरिकी अधिकारियों द्वारा पत्रकारों के सामने इसे पढ़कर सुनाने के बाद स्थिति बदल गई और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस तरह का समझौता दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। हालांकि अभी तक दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत आधिकारिक संयुक्त बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन दस्तावेज़ के सामने आने और पाकिस्तान के मध्यस्थता संबंधी बयान के बाद इस प्रक्रिया को एक औपचारिक दिशा मिलती दिख रही है।
आगामी शुक्रवार को होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर समारोह पर अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि उसी कार्यक्रम में समझौते से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर अंतिम रूप से स्पष्टता दी जा सकती है।