बाइडन ने भारतीय-अमेरिकी वकील को न्यूयार्क के डिस्ट्रिक्ट न्यायाधीश के तौर पर नामित किया, बना सकते हैं इतिहास

उन्हें न्यूयार्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट का न्यायाधीश बना दिया जाए.”

Update: 2022-09-08 05:42 GMT

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारतीय-अमेरिकी वकील अरुण सुब्रमण्यन को न्यूयार्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट का न्यायाधीश नामित किया है. इस संबंध में मंगलवार को व्हाइट हाउस की ओर से संसद को एक पत्र भेजा गया. संसद से अगर सुब्रमण्यन के नाम को मंजूरी मिल जाती है तो वह न्यूयार्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट की अदालत के न्यायाधीश बनने वाले पहले दक्षिण एशियाई व्यक्ति होंगे. वह वर्तमान में न्यूयार्क के सुसमन गोडफ्रे एलएलपी में साझेदार हैं, जहां वह 2007 से काम कर रहे हैं.


क्लर्क के तौर पर शुरू किया था करियर

आपको बता दें कि सुब्रमण्यन ने अमेरिका के उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति रुथ बेडर गिन्सबर्ग के कानूनी क्लर्क के तौर पर वर्ष 2006 से 2007 के बीच काम किया था. इसके अलावा वह वर्ष 2005 से 2006 तक न्यूयार्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट की अदालत के न्यायाधीश जेरार्ड ई लिंच के लिए भी काम कर चुके हैं.

फ्री में लड़ चुके हैं कई बड़े मुकदमे

सुब्रमण्यन ने कोलंबिया लॉ स्कूल और 'केस वेस्टर्न रिजर्व' विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की है. राष्ट्रीय एशियाई प्रशांत अमेरिकी बार असोसिएशन (एनएपीएबीए) ने सुब्रमण्यन के नामित होने और इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है. एनएपीएबीए के कार्यवाहक अध्यक्ष ए. बी. क्रूज तृतीय ने कहा कि सुब्रमण्यन एक अनुभवी वकील हैं जिन्होंने बिना पैसे लिए कई मुकदमे लड़े हैं. उन्होंने कई बड़े मुकदमों में जीत भी दर्ज की है. इनमें से कई केस तो ऐसे थे जिनमें जीत की उम्मीद भी बहुत कम थी.

एनएपीएबीए ने जताई खुशी

ए. बी. क्रूज तृतीय ने सुब्रमण्यन की तारीफ करते हुए कहा, "वह (सुब्रमण्यन) प्रवासियों की संतान हैं. वह अपने परिवार में वकील बनने वाले पहले व्यक्ति हैं और हमें उन्हें देखकर गर्व होता है. हम सीनेट से यह अनुरोध करते हैं कि उनके नाम को जल्द से जल्द मंजूर किया जाए और उन्हें न्यूयार्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट का न्यायाधीश बना दिया जाए."

सोर्स: ज़ी न्यूज़ 

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