ब्रिटेन और ईरान ने अरब सागर में एक तेल टैंकर पर हाल में हमले के बाद बढ़े तनाव के बीच सोमवार को एक-दूसरे के राजनयिक को तलब किया. तेल टैंकर एम वी मर्सर स्ट्रीट पर गुरुवार को ड्रोन हमले के बाद ब्रिटेन ने ईरान के राजदूत मोहसिन बहारवंद को विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय तलब किया. हमले में ब्रिटेन के एक नागरिक और रोमानिया के एक नागरिक की मौत हो गई.

पश्चिम एशिया मामलों के मंत्री जेम्स क्लेवर्ले ने कहा, 'ईरान को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों को तुरंत बंद करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार मुक्त तरीके से जहाजों का परिचालन सुनिश्चित करना चाहिए.' अमेरिका, ब्रिटेन और इजराइल ने तेल टैंकर पर हमले के लिए ईरान को दोषी ठहराया है. जबकि ईरान ने घटना में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है. ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने रविवार को इसे कायराना हमला बताते हुए कहा कि ब्रिटेन और उसके सहयोगी देश समन्वित कार्रवाई की योजना बना रहे हैं.
तेहरान में भी मिशन प्रभारी तलब
ईरान के विदेश मंत्रालय ने राब की टिप्पणी के विरोध में सोमवार को तेहरान में ब्रिटेन के मिशन प्रभारी को तलब किया. साथ ही 'जल्दबाजी में दिए गए इस तरह के अप्रमाणिक, विरोधाभासी' बयान के लिए सख्त एतराज जताया. मंत्रालय ने कहा, 'ईरान अपनी रक्षा करेगा और किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब देगा.' मंत्रालय ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि ब्रिटेन ने बिना किसी ठोस सबूत के ईरान के खिलाफ आरोप लगाए हैं.
पहला घातक हमला
तेल टैंकर मर्सर स्ट्रीट पर गुरुवार को हमला हुआ था. हालांकि ईरान ने इस हमले में संलिप्तता से इनकार किया है. इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों में विराम के कुछ साल बाद यह पहला घातक हमला है. माना जा रहा है कि ईरान को लेकर परमाणु समझौते को लेकर तनाव के साथ जोड़कर देखा जा रहा है.
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