तिरुवनंतपुरम। चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया की कॉन्सल जनरल सिलाई जकी ने मंगलवार को केरल सचिवालय में राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक, आर्थिक, शिक्षा और लोगों के स्तर पर संबंध लगातार विस्तार कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई सरकार की आधिकारिक डायरेक्टरी के अनुसार सिलाई जकी चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया की कॉन्सल जनरल हैं और चेन्नई स्थित मिशन के दायरे में केरल भी आता है।मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी संबंधों और सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध अब केवल कूटनीतिक संपर्क तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यापार, निवेश, शिक्षा, रक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों तक फैल चुके हैं।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की लंबी यात्रा
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध भारत की आजादी से पहले स्थापित हो गए थे। ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग के मुताबिक 1941 में सिडनी में भारत का ट्रेड ऑफिस खोला गया था, जिसने दोनों देशों के औपचारिक राजनयिक संबंधों की शुरुआत की। मार्च 1944 में लेफ्टिनेंट जनरल इवेन मैके ने भारत में ऑस्ट्रेलिया के पहले हाई कमिश्नर के रूप में जिम्मेदारी संभाली।समय के साथ दोनों देशों के रिश्तों का दायरा बढ़ता गया। लोकतांत्रिक व्यवस्था, कॉमनवेल्थ से जुड़े ऐतिहासिक संपर्क और खेल सहित कई क्षेत्रों ने दोनों देशों को एक-दूसरे के करीब लाने में भूमिका निभाई।आज भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी के रूप में भी महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचे संबंध
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने जून 2020 में अपने संबंधों को **Comprehensive Strategic Partnership** यानी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था। इसके तहत दोनों देश रक्षा और सुरक्षा के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, समुद्री सहयोग, व्यापार और निवेश, कृषि, शिक्षा तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान भी दोनों देशों ने रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार, निवेश, साइबर एवं महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी, क्रिटिकल मिनरल्स, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करने पर जोर दिया था।ऐसे में राज्य स्तर पर होने वाली मुलाकातें भी द्विपक्षीय रिश्तों को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
शिक्षा बना रिश्तों का महत्वपूर्ण आधार
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा लंबे समय से सहयोग का प्रमुख क्षेत्र रहा है। बड़ी संख्या में भारतीय विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया जाते हैं। दोनों देशों के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच शोध, कौशल विकास और अकादमिक सहयोग भी बढ़ा है।ऑस्ट्रेलिया भारत के विद्यार्थियों के लिए प्रमुख विदेशी शिक्षा स्थलों में शामिल रहा है। भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी भी ऑस्ट्रेलिया में रहती है, जिससे दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संपर्क मजबूत हुए हैं।ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग ने भारतीय प्रवासी समुदाय को दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंधों को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताया है।
व्यापार और निवेश में बढ़ता सहयोग
आर्थिक संबंध भी भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। **Australia-India Economic Cooperation and Trade Agreement (ECTA)** 2022 में प्रभावी हुआ था। इसके बाद दोनों देशों ने व्यापार और निवेश को और बढ़ाने की दिशा में काम जारी रखा है।ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग के अनुसार 2023 में भारत ऑस्ट्रेलिया का चौथा सबसे बड़ा निर्यात बाजार और पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार उस समय 49 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक पहुंचा था।दोनों देश व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते यानी CECA पर भी बातचीत आगे बढ़ाते रहे हैं। इसमें महत्वपूर्ण खनिज, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान है।
केरल के लिए भी अहम हैं ऑस्ट्रेलिया से संबंध
केरल और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की संभावनाएं हैं। चेन्नई स्थित ऑस्ट्रेलियाई कॉन्सुलेट जनरल के अधिकार क्षेत्र में केरल भी आता है। यही वजह है कि राज्य सरकार और ऑस्ट्रेलियाई राजनयिक प्रतिनिधियों के बीच संपर्क क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले भारतीय विद्यार्थियों में दक्षिण भारत की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रही है। इसके अलावा पर्यटन और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में भी राज्य स्तर पर सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं।
क्रिकेट और हॉकी ने भी बढ़ाई नजदीकी
भारत और ऑस्ट्रेलिया के लोगों को जोड़ने में खेल की भी बड़ी भूमिका रही है। क्रिकेट दोनों देशों में बेहद लोकप्रिय है और भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट मुकाबले दुनिया के सबसे चर्चित खेल मुकाबलों में गिने जाते हैं।हॉकी सहित दूसरे खेलों ने भी दोनों देशों के बीच संपर्क को मजबूत करने में योगदान दिया है। खेलों के जरिए खिलाड़ियों के साथ समर्थकों और पर्यटन से जुड़े संपर्क भी बढ़ते हैं।भारत और ऑस्ट्रेलिया के पुराने संबंधों में कॉमनवेल्थ और क्रिकेट जैसे साझा संपर्कों का लंबे समय से उल्लेख किया जाता रहा है। बाद के वर्षों में इस साझेदारी का विस्तार रक्षा, व्यापार, शिक्षा और रणनीतिक सहयोग तक हुआ।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी अहम साझेदारी
भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि को महत्वपूर्ण मानते हैं। व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत समुद्री सहयोग और सुरक्षा संबंध भी मजबूत हुए हैं।दोनों देश क्वाड के सदस्य हैं और जापान तथा अमेरिका के साथ कई क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग करते हैं। भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में रक्षा और समुद्री सहयोग पिछले कुछ वर्षों में विशेष रूप से बढ़ा है। ऑस्ट्रेलिया ने दोनों देशों की साझेदारी को शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत की साझा दृष्टि से जोड़ा है।
राज्य स्तर पर संवाद को मिल सकती है मजबूती
सिलाई जकी और रमेश चेन्निथला की मुलाकात को भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के राज्य स्तरीय संपर्क के संदर्भ में देखा जा सकता है। दोनों देशों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो रहे संबंधों के साथ राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों और कारोबारी संगठनों के बीच संपर्क भी द्विपक्षीय सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1941 में शुरू हुआ औपचारिक राजनयिक सफर अब व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक पहुंच चुका है। व्यापार और निवेश से लेकर शिक्षा, पर्यटन, रक्षा, प्रौद्योगिकी और खेल तक सहयोग का दायरा लगातार बढ़ा है। ऐसे में केरल सरकार और ऑस्ट्रेलियाई राजनयिक प्रतिनिधियों के बीच संवाद भविष्य में क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग के नए अवसरों का आधार बन सकता है।
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