आस्ट्रेलिया ने अफगानिस्तान में जारी अपने निकासी अभियान पर लगाई रोक
खतरा एवं जोखिम हर दिन बढ़ रहा है, इसे देखते हुए हम तेजी से काम कर रहे हैं।'
आस्ट्रेलिया (Australia) ने अफगानिस्तान में जारी अपने निकासी अभियान पर रोक लगा दी है। इस्लामिक स्टेट द्वारा काबुल के एयरपोर्ट पर किए गए आत्मघाती विस्फोटों के बाद आस्ट्रेलिया ने यह फैसला लिया। इसकी जानकारी शुक्रवार को देश के प्रधानमंत्री स्काट मारिसन (Prime Minister Scott Morrison) ने दी। आस्ट्रेलिया की ओर से अफगानिस्तान में अपने नागरिकों को काबुल एयरपोर्ट से दूरी बनाने की सलाह दी गई है। आस्ट्रेलिया ने वहां आतंकी हमले के जोखिम के मद्देनजर एयरपोर्ट परिसर में मौजूद ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर जाने और अगले आदेश की प्रतीक्षा करने की सलाह दी है।
आतंकी हमले में मारे गए अमेरिकी सैनिकों व अफगान के नागरिकों के लिए प्रधानमंत्री मारिसन ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
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सोमवार को काबुल स्थित हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों में करीब 13 अमेरिकी सैनिक शामिल हैं। मारिसन ने बताया कि हमले से कुछ ही घंटों पहले वहां से आस्ट्रेलियाई सैनिकों को निकाला गया था। अब सुरक्षा को लेकर खतरा है और निकासी जारी रखना फिलहाल सही नहीं है। उन्होंने कहा, ' अब हमारी योजना निकासी के बाद की प्रक्रिया पर है। इसमें वापसी की प्रक्रिया आधिकारिक मानवीय प्रोग्राम के जरिए होगी।'
इस क्रम में आस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री मारिसे पायने ने कहा है कि यह यात्रा परामर्श ब्रिटेन और न्यूजीलैंड की संशोधित यात्रा सलाह के समान है। काबुल में अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों को एयरपोर्ट के तीनों गेटों से दूर रहने की सख्त निर्देश दिया है। वहीं प्रधानमंत्री मारिसन ने कहा कि पिछले सप्ताह बुधवार के बाद से अब तक करीब 4,000 लोगों को काबुल से सुरक्षित निकाल लिया गया है जिनमें से 1,200 को गुरुवार रात निकाला गया। उन्होंने कहा, 'बेहद खतरनाक माहौल है। खतरा एवं जोखिम हर दिन बढ़ रहा है, इसे देखते हुए हम तेजी से काम कर रहे हैं।'