भारत में सोशल मीडिया कंपनियों पर सरकार द्वारा कार्रवाई के बाद अब पड़ोसी देशों में कंपनियों ने सख्त रुख अपनाने का मन बनाया है। हाल ही में एक एशियाई उद्योग समूह जिसमें गूगल, फेसबुक और ट्विटर शामिल हैं, सभी ने एक पत्र के जरिए चेतावनी देते हुए कहा है की, अगर हांगकांग अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव करना बंद नहीं करता है तो वो देश में सेवाएं बंद कर सकती हैं।

कंपनियों द्वारा लिखे पत्र में कहा गया है कि, हांगकांग में प्रस्तावित प्राइवेसी पॉलिसी में संशोधन वहां के लोगों को गंभीर तौर पर प्रभावित कर सकता है। ये पत्र गोपनीयता आयुक्त, एडा चुंग लाई-लिंग को 25 जून को लिखा गया था। छह पन्नों के पत्र में, एशिया इंटरनेट गठबंधन के प्रबंध निदेशक जेफ पेन ने स्वीकार किया कि प्रस्तावित संशोधन व्यक्तियों की सुरक्षा और व्यक्तिगत डेटा प्राइवेसी पर ध्यान केंद्रित करते हैं। हालांकि, हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि डॉक्सिंग गंभीर चिंता का विषय है।
2019 में हांगकांग में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान, डॉक्सिंग - या सार्वजनिक रूप से किसी व्यक्ति या संगठन के बारे में निजी या पहचान की जानकारी जारी करना - जांच के दायरे में आया जब पुलिस को उनका विवरण ऑनलाइन जारी किए जाने के बाद निशाना बनाया गया। जिसमें कुछ अधिकारियों के घर के पते और बच्चों के स्कूलों का विवरण भी सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने उजागर किया था। जिनमें से कुछ ने उन्हें और उनके परिवारों को ऑनलाइन धमकाने मामले भी सामने आए थे।
एआईसी ने अपने एक बयान में कहा कि, "हम मानते हैं कि कोई भी विरोधी कानून, जो मुक्त अभिव्यक्ति को कम करने पर प्रभाव डाल सकता है, आवश्यकता और आनुपातिकता के सिद्धांतों पर बनाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि, भारत में ट्विटर द्वारा नए आइटी नियमों को लागू नहीं करने के खिलाफ कार्रवाई जारी है। देश की केंद्र सरकार ने तीन महीने पहले नए नियम लागू किए थे, लेकिन ट्विटर अब तक इसका अनुपालन करने में विफल रहा है। नए नियमों के तहत 25 मई से लागू हुए नए आइटी नियम के अनुसार ट्विटर को एक स्थानीय शिकायत अधिकारी को नियुक्त करना चाहिए था, लेकिन ट्विटर द्वारा अभी तक ऐसा नहीं किया गया है।
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