वाशिंगटन : 29 अक्टूबर 2026। अमेरिका के इंडियाना राज्य के कोषाध्यक्ष डेनियल इलियट ने ताइवान के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने पर चीन की ओर से जताई गई आपत्ति को सख्ती से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी विदेशी सरकार को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि अमेरिका के निर्वाचित अधिकारी किस कार्यक्रम में शामिल होंगे या किन देशों और क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ संबंध बनाए रखेंगे। इलियट ने कहा कि इंडियाना राज्य ताइवान के साथ अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंध जारी रखेगा और चीन के राजनीतिक दबाव से उसकी नीतियां प्रभावित नहीं होंगी।दरअसल, डेनियल इलियट 9 अक्टूबर को शिकागो में ताइवान के प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति को लेकर चीन ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद शिकागो स्थित चीनी महावाणिज्य दूतावास ने 12 अक्टूबर को इलियट के कार्यालय को एक पत्र भेजा था। इसमें भविष्य में ताइवान के अधिकारियों के साथ आधिकारिक संपर्क से बचने का आग्रह किया गया था। इलियट ने 27 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर यह पत्र सार्वजनिक करते हुए चीन की मांग को अस्वीकार कर दिया।
डेनियल इलियट ने अपने बयान में कहा कि वह ऐसी किसी भी मांग को स्वीकार नहीं कर सकते, जिसके तहत कोई विदेशी सरकार इंडियाना के निर्वाचित अधिकारियों के वैधानिक कामकाज को प्रभावित करने की कोशिश करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इंडियाना सरकार राज्य के नागरिकों के प्रति जवाबदेह है, न कि किसी दूसरे देश की सरकार के प्रति। उनका कहना था कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी यह निर्धारित नहीं कर सकती कि इंडियाना के अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन कैसे करेंगे।
इलियट ने चीन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी विदेशी सरकार का अमेरिकी राज्य के निर्वाचित प्रतिनिधियों की गतिविधियों पर इतनी बारीकी से नजर रखना आश्चर्यजनक है। उन्होंने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह अपने नागरिकों पर निगरानी रखती है और अब अमेरिकी अधिकारियों की गतिविधियों पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि इंडियाना में सरकार जनता के लिए काम करती है और जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।कोषाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि ताइवान के साथ इंडियाना के आर्थिक संबंध राज्य के हितों के अनुरूप हैं। इसलिए इन्हें भविष्य में भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बीजिंग चाहे इन संबंधों को किसी भी राजनीतिक नजरिये से देखे, लेकिन इंडियाना अपने वैधानिक आर्थिक सहयोग को समाप्त नहीं करेगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब चीन और ताइवान के बीच लंबे समय से जारी राजनीतिक तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
इलियट ने राज्य की आर्थिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके कार्यालय ने पिछले तीन वर्षों में निवेश से लगभग 1.8 अरब अमेरिकी डॉलर का लाभ अर्जित किया है। उन्होंने इस प्रदर्शन को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। साथ ही कहा कि चीन की ओर से भेजे गए पत्र के समय और उसकी भाषा से ऐसा प्रतीत होता है कि इंडियाना की आर्थिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, यह इलियट का आकलन है और चीनी अधिकारियों ने पत्र के पीछे ऐसा कोई आर्थिक कारण सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया है।डेनियल इलियट ने विदेशी संस्थाओं द्वारा कृषि भूमि की खरीद से जुड़े राज्य के नियमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंडियाना ने कृषि भूमि की खरीद को लेकर कुछ विदेशी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें चीन सरकार से जुड़ी कुछ संस्थाएं भी शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका कार्यालय राज्य की कृषि भूमि और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए काम करता रहेगा।
अमेरिका और ताइवान के संबंधों की बात करें तो दोनों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं होने के बावजूद आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सहयोग बना हुआ है। अमेरिका की संघीय सरकार चीन के साथ अपने आधिकारिक राजनयिक संबंधों का संचालन करती है, जबकि ताइवान के साथ अनौपचारिक संबंध भी बनाए रखती है। इस स्थिति में अमेरिकी राज्यों के अधिकारियों द्वारा ताइवान के प्रतिनिधियों के साथ संपर्क कई बार चीन की आपत्तियों का कारण बनता है।चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसके साथ अन्य देशों के आधिकारिक संपर्कों का विरोध करता है। दूसरी ओर, ताइवान की लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार अपने राजनीतिक भविष्य का निर्णय स्वयं करने के अधिकार पर जोर देती रही है। ताइवान के विदेश मंत्रालय ने भी अक्टूबर में कहा था कि चीन को ताइवान के भविष्य पर निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच गंभीर मतभेद बने हुए हैं।
ताइवान में 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है, जिसे 'डबल टेन डे' भी कहा जाता है। इस अवसर पर देश और विदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष भी ताइवान के प्रतिनिधि कार्यालयों ने समारोह आयोजित किए थे। शिकागो में आयोजित ऐसे ही कार्यक्रम में इलियट शामिल हुए थे, जिसके बाद यह विवाद सामने आया।गौरतलब है कि 10 अक्टूबर को ताइवान में आयोजित मुख्य राष्ट्रीय दिवस समारोह में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इनमें इंडियाना के लेफ्टिनेंट गवर्नर मीका बेकविथ भी शामिल थे। ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने विदेशी अतिथियों की भागीदारी की आधिकारिक पुष्टि की थी।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर चीन और ताइवान के संबंधों को लेकर अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था में मौजूद संवेदनशीलताओं को उजागर किया है। हालांकि, इंडियाना के कोषाध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि उनके राज्य के आर्थिक फैसले स्थानीय नागरिकों के हितों और लागू कानूनों के आधार पर लिए जाएंगे।डेनियल इलियट के बयान से स्पष्ट है कि चीन की आपत्ति के बावजूद इंडियाना प्रशासन ताइवान के साथ आर्थिक संपर्क बनाए रखने के अपने रुख पर कायम है। इस विवाद का आगे दोनों पक्षों के संपर्कों पर क्या प्रभाव पड़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।