युद्ध में अमेरिका को बड़ा झटका लगा, F-15 फाइटर जेट को मार गिराया गया, VIDEO

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Update: 2026-03-22 10:42 GMT
नई दिल्ली: ईरान की सेना ने रविवार को दावा किया कि उसने देश के दक्षिणी तट और होर्मुज द्वीप के पास एक दुश्मन के F-15 fighter jet को मार गिराया है. यह कार्रवाई ईरान की वायु रक्षा प्रणाली के जरिए की गई.
ईरानी समाचार एजेंसी Fars News Agency के अनुसार, इस आधुनिक अमेरिकी लड़ाकू विमान को जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली से निशाना बनाया गया. एजेंसी ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें वायु रक्षा प्रणाली द्वारा F-15 को लॉक करते हुए दिखाने का दावा किया गया है.
हालांकि, इस घटना की अब तक अमेरिका या उसके मध्य-पूर्वी सहयोगी देशों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. अमेरिका और ईरान के बीच 2026 में चल रहे टकराव के दौरान अमेरिकी सेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक अमेरिका कम से कम 17 सैन्य एयरक्राफ्ट गंवा चुका है, जिनमें 12 ड्रोन और 4 मानव संचालित विमान शामिल हैं. इसके अलावा एक F-35 फाइटर जेट को भी नुकसान पंहुचा है. पहले जब ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत द्वारा F-16 गिराने की बात सामने आई थी, तब अमेरिका ने उसे खारिज कर दिया था, लेकिन अब हालात अलग दिख रहे हैं और डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में बड़ा सैन्य नुकसान सामने आया है.
सबसे अधिक नुकसान ड्रोन सेक्टर में हुआ है. अमेरिका के 12 MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराए गए हैं. MQ-9 Reaper एक अत्याधुनिक ड्रोन है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय तक निगरानी और सटीक हमलों के लिए किया जाता है. इसमें हेलफायर मिसाइलें लगी होती हैं और यह करीब 27 घंटे तक हवा में रह सकता है.
इन ड्रोन को ईरान के सैन्य ठिकानों और रिवोल्यूशनरी गार्ड के कैंप्स को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था, लेकिन ईरान की मजबूत एयर डिफेंस और मिसाइल सिस्टम ने इन्हें रास्ते में ही नष्ट कर दिया. एक रीपर ड्रोन की कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये बताई जाती है.
पिछले दिनों तीन F-15 लड़ाकू विमान को कुवैत की वायुसेना ने इसे दुश्मन का समझकर मिसाइल से निशाना बना दिया. ये सभी विमान ईरान के खिलाफ मिशन पर थे. इस हादसे में तीनों पायलट्स की मौत हो गई. F-15 भले ही पुराना प्लेटफॉर्म है, लेकिन आज भी इसे बेहद ताकतवर माना जाता है और यह हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमला करने में सक्षम है.
चौथा विमान KC-135 Stratotanker था, जो हवा में दूसरे फाइटर जेट्स को ईंधन भरने का काम करता है. यह इराक के ऊपर एक रिफ्यूलिंग मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस विमान में मौजूद सभी 6 क्रू मेंबर्स की जान चली गई. KC-135 जैसे टैंकर विमान लंबी दूरी के मिशनों के लिए बेहद जरूरी होते हैं, क्योंकि इनके बिना F-15 और F-35 जैसे फाइटर जेट्स ज्यादा देर तक ऑपरेशन नहीं कर सकते.
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