रियाद। सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का सहित कई इलाकों में शनिवार, 24 अक्टूबर को संभावित हवाई खतरे को लेकर आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया। सऊदी नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की। हालांकि कुछ ही मिनटों बाद अधिकारियों ने बताया कि खतरा टल गया है। चेतावनी के बाद मक्का, जेद्दा, ताइफ और यानबू सहित कई क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं।
मक्का सहित चार इलाकों में जारी हुआ अलर्ट
सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि मक्का प्रांत में नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से संभावित खतरे की चेतावनी जारी की गई थी।अधिकारियों के अनुसार, चेतावनी का उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को समय रहते सतर्क करना था, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।इसी तरह जेद्दा, ताइफ और यानबू में भी संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।
कुछ मिनट बाद अधिकारियों ने दी राहत की खबर
आपातकालीन चेतावनी जारी होने के करीब 10 मिनट बाद सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने एक और संदेश जारी किया। इसमें बताया गया कि संबंधित इलाकों में खतरा समाप्त हो गया है।अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करते रहें और प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक भीड़ लगाने या वीडियो बनाने से बचें।सऊदी प्रशासन की ओर से तत्काल किसी बड़े नुकसान या नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि नहीं की गई।
दो बैलिस्टिक मिसाइलें नष्ट करने का दावा
इस बीच सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने शनिवार को बताया कि यमन के हूती समूह की ओर से ताइफ और यानबू की दिशा में दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर दिया गयाअंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इन मिसाइलों को रोकने की कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब सऊदी अरब के कई शहरों में संभावित खतरे की चेतावनियां जारी की गई थीं।हालांकि अधिकारियों ने मिसाइलों को रोकने की सटीक परिस्थितियों और संभावित नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। मक्का शहर को सीधे निशाना बनाए जाने की भी इस घटना में पुष्टि नहीं हुई है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ाई गई सतर्कता
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी तनाव के कारण हाल के सप्ताहों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ी हैं। मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाओं के बीच सऊदी प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।इससे पहले भी मक्का और आसपास के इलाकों में संभावित खतरे को लेकर चेतावनी जारी की जा चुकी है। सितंबर में भी प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए थे।
मक्का की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क
मक्का इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र शहरों में से एक है। यहां स्थित मस्जिद अल-हरम में दुनियाभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमरा और धार्मिक यात्रा के लिए पहुंचते हैं।ऐसे में शहर की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की चेतावनी विशेष महत्व रखती है। प्रशासन का उद्देश्य संभावित खतरे की स्थिति में नागरिकों और श्रद्धालुओं तक समय पर जानकारी पहुंचाना है।राष्ट्रीय प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के जरिए लोगों को आपातकालीन संदेश भेजे जाते हैं, जिससे वे तत्काल आवश्यक सावधानियां अपना सकें।
फिलहाल खतरा टला, सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी जारी
शनिवार को जारी चेतावनियों के बाद सऊदी अधिकारियों ने मक्का, जेद्दा, ताइफ और यानबू में खतरा टलने की पुष्टि की। इसके बावजूद नागरिकों से आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव को देखते हुए सऊदी अरब की सुरक्षा एजेंसियां संभावित हवाई खतरों पर नजर बनाए हुए हैं।