वॉशिंगटन: अमेरिकी अधिकारियों ने मंगलवार (स्थानीय समय) को घोषणा की कि OpenAI के लिए काम करने वाले सऊदी अरब के एक इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी के सैन फ्रांसिस्को ऑफिस में एक एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम के अंदर छिपाकर ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाया था।
जस्टिस डिपार्टमेंट के अनुसार, 35 वर्षीय अब्दुल रहमान अलफोज़ान को 9 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया और 13 अक्टूबर को उसे पहली बार फेडरल कोर्ट में पेश किया गया।
फेडरल प्रॉसिक्यूटर ने उस पर बातचीत को सुनने या सुनने की कोशिश करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। दोषी पाए जाने पर उसे अधिकतम पांच साल की जेल और $250,000 का जुर्माना हो सकता है।
इस मामले ने वॉशिंगटन में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं बढ़ा दी हैं क्योंकि कॉन्फ्रेंस रूम का इस्तेमाल संवेदनशील रिसर्च, खास टेक्नोलॉजी, बिजनेस स्ट्रैटेजी और सरकारी कामकाज से जुड़ी चर्चाओं के लिए किया जाता था।
30 सितंबर को कंपनी के कर्मचारियों को एक एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम में टीवी के पीछे USB पोर्ट में लगा एक छिपा हुआ रिकॉर्डिंग डिवाइस मिला।
जांचकर्ताओं ने बताया कि डिवाइस को छिपाने के लिए टॉयलेट पेपर में लपेटा गया था और इसे संभवतः 28 सितंबर के आसपास लगाया गया था। इसका डेटा एन्क्रिप्टेड था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सर्विलांस फुटेज में अलफोज़ान को कई बार कॉन्फ्रेंस रूम के पास देखा गया, जबकि उसे उस कमरे में जाने या वहां होने वाली मीटिंग में शामिल होने की इजाज़त नहीं थी।
प्रॉसिक्यूटर ने बताया कि इस कमरे का इस्तेमाल नियमित रूप से तकनीकी विकास, व्यावसायिक अवसरों, प्रोडक्ट प्लान और सरकारी एजेंसियों व बिजनेस पार्टनर के साथ कंपनी के संबंधों से जुड़ी गोपनीय चर्चाओं के लिए किया जाता था।
जांचकर्ताओं ने अलफोज़ान से जुड़ी डिजिटल एक्टिविटी की भी जांच की।
शिकायत के अनुसार, उसने OpenAI की बिल्डिंग, मीटिंग रूम, एग्जीक्यूटिव के लोकेशन और बाहरी पार्टनर के साथ मीटिंग के बारे में जानकारी खोजने के लिए एक प्रोडक्टिविटी टूल का इस्तेमाल किया था।
उसकी पत्नी से जुड़े एक चैटबॉट अकाउंट - जिसके बारे में जांचकर्ताओं का कहना है कि उसमें अलफोज़ान के अकाउंट जैसी कई जानकारी मिलती-जुलती थीं - से रिकॉर्डिंग इक्विपमेंट बनाने, लगाने और छिपाने के बारे में सवाल पूछे गए थे।
ये सवाल वायरलेस कनेक्टिविटी, दूर से सुनने और एन्क्रिप्शन से भी जुड़े थे।
फेडरल अधिकारियों ने बताया कि उस अकाउंट से खास तौर पर कॉन्फ्रेंस रूम में मिले डिवाइस से जुड़े सवाल पूछे गए थे।
5 अक्टूबर को सर्विलांस फुटेज में अलफोज़ान को एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम में घुसते और टीवी के पीछे देखते हुए देखा गया, जहां पहला रिकॉर्डिंग डिवाइस मिला था। सरकारी वकीलों के अनुसार, उसी दिन OpenAI के सुरक्षा कर्मचारियों को एक बैग में वैसा ही एक और रिकॉर्डिंग डिवाइस मिला, जिसे अल्फ़ोज़ान ने बिल्डिंग में कहीं और बिना किसी की देखरेख के छोड़ दिया था।
FBI डायरेक्टर काश पटेल ने कहा कि इस जांच में संवेदनशील अमेरिकी टेक्नोलॉजी की सुरक्षा शामिल थी।
पटेल ने सुपर इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी का ज़िक्र करते हुए कहा, "अमेरिकी SI इनोवेशन की सुरक्षा हमारे देश की आर्थिक मज़बूती और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ज़रूरी है।"
कैलिफ़ोर्निया के नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट के लिए US अटॉर्नी क्रेग मिसाकियन ने कहा कि इस मामले ने टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन की सुरक्षा के महत्व को उजागर किया है।
उन्होंने कहा, "हमारे लिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है।"
डायरेक्टर ऑफ़ नेशनल इंटेलिजेंस जे क्लेटन ने भी इस मामले को एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अमेरिकी नेतृत्व बनाए रखने की वॉशिंगटन की कोशिशों से जोड़ा।
जस्टिस डिपार्टमेंट ने कहा कि अभियोजन पक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े उस प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम का समर्थन करता है जिसका मकसद सुपर इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी में अमेरिकी तरक्की की सुरक्षा करना है।
अधिकारियों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से यह साबित नहीं किया है कि कथित रिकॉर्डिंग डिवाइस से इकट्ठा की गई जानकारी किसी विदेशी सरकार को भेजी गई थी। शिकायत में यह भी साबित नहीं होता है कि सऊदी सरकार ने इस कथित हरकत का निर्देश दिया था या इसमें हिस्सा लिया था।
अल्फ़ोज़ान अभी भी फ़ेडरल कस्टडी में है और उसे 19 अक्टूबर को डिटेंशन हियरिंग के लिए US मजिस्ट्रेट जज एलेक्स जी. त्से के सामने पेश होना है।