फाइज़र की वैक्सीन लगाने के बाद 23 बुजुर्गो की मौत

नॉर्वे में फाइज़र की वैक्सीन लगाने के बाद 23 बुजुर्गो की मौत हो गयी जिसके बाद फ़ाइज़र अपनी सप्लाई कम करने वाला है.

Update: 2021-01-16 15:41 GMT

ख़बर नॉर्वे से है. वहां भी कोविड-19 के ख़िलाफ वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू हो चुका है. फाइज़र-बायोएनटेक की वैक्सीन वहां लोगों को लगाई जा रही है. लेकिन इसी बीच वहां से 23 बुज़ुर्गों की मौत की ख़बर आती है. बताया जा रहा है कि इन सभी लोगों ने हाल ही में फाइज़र की वैक्सीन के डोज़ भी लिए थे. कुछ और लोगों के भी बीमार होने की ख़बर है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक इन मौत की जांच में वहां की सरकार सक्रिय हो गई है.

तो क्या इसका मतलब ये हुआ कि फाइज़र की वैक्सीन सुरक्षित नहीं है? क्या ये मौतें फाइज़र वैक्सीन की वजह से हो रही हैं? इस पर सीधा-सटीक जवाब जानने के लिए तो जांच चल रही है. लेकिन वैक्सीन मेकर्स पहले ही कह चुके हैं कि चूंकि ये वैक्सीन तेजी से तैयार की गई है. एक साल से भी कम समय में. तो मुमकिन है कि कुछ आयु वर्ग के लोगों पर, कुछ अन्य ख़ास परिस्थितियों वाले लोगों पर (जैसे प्रेगनेंट महिलाएं) वैक्सीन के उल्टे असर दिखे.

नॉर्वे में भी शुरुआती ट्रेंड ऐसे ही बताए जा रहे हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि 80 साल से ऊपर के लोगों को वैक्सीन दिक्कत पैदा कर रही है. लेकिन अभी ये नहीं कहा जा सकता कि जिन लोगों की मौत हुई है, उसका कारण फाइज़र वैक्सीन ही है. इसके लिए जांच चल रही है. तब तक वैक्सीन को ही इसका कारण बताना ठीक नहीं होगा.

सप्लाई कम करेगा फाइज़र

नॉर्वे से ये ख़बरें आने के बाद फाइज़र ने यूरोप में वैक्सीन की सप्लाई फिलहाल के लिए कुछ कम करने का फैसला किया है. माने उतनी ही वैक्सीन सप्लाई की जाएंगी, जिनकी बहुत ज़्यादा ज़रूरत है. वहीं नॉर्वे इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ का कहना है फाइज़र की तरफ से डिलिवरी कम की गई है, ताकि भविष्य के लिए प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाई जा सके.

नॉर्वे में एक गाइडलाइन भी जारी कर दी गई. इसके मुताबिक 80 साल या इससे ऊपर के लोगों को काफी सोच-समझकर ही वैक्सीन दी जाए. इससे कम उम्र के लोगों को भी सोच-समझकर ही वैक्सीन दी जाए.

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