Delhi दिल्ली। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन नई दिल्ली में 16वें ईयू-इंडिया समिट में यूरोपीय यूनियन का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट को 27 जनवरी को होस्ट करेंगे। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि समिट को लेकर भारत ईयू के लिए एक जरूरी पार्टनर है। हम सब मिलकर नियमों पर आधारित इंटरनेशनल ऑर्डर को बचाने की क्षमता और जिम्मेदारी साझा करते हैं।
यह समिट ईयू-इंडिया रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और व्यापार, सुरक्षा और रक्षा, क्लीन ट्रांजिशन और लोगों के बीच सहयोग जैसे खास पॉलिसी एरिया में सहयोग को और मजबूत करने का मौका देगा। प्रेसिडेंट कोस्टा और वॉन डेर लेयेन 26 जनवरी को भारत के 77वें रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन में गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर भी शामिल होंगे। समिट में दोनों पक्ष एक संयुक्त ईयू-भारत कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक एजेंडा अपना सकते हैं। इसका मकसद चार क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना है, जिसे अलग-अलग पिलर से मजबूत किया जाएगा।
इसमें समृद्धि और स्थिरता, तकनीक और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, कनेक्टिविटी और ग्लोबल मुद्दे शामिल होंगे। इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच एफटीए को लेकर भी आखिरी चरण की चर्चा पर फैसला लिया जा सकता है। यह समझौता 2007 में शुरू हुआ और 2022 में इसे फिर से लॉन्च किया गया। यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देगा।
इसके अलावा, यह समिट सुरक्षा और रक्षा मामलों पर ईयू और भारत के बीच करीबी सहयोग पर भी केंद्रित हो सकता है। इसके साथ ही क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक मामलों पर भी चर्चा होगी। खासतौर पर एक असरदार मल्टीलेटरल सिस्टम का महत्व, एक आजाद और खुशहाल इंडो-पैसिफिक रीजन, यूक्रेन के खिलाफ रूस का युद्ध, और मिडिल ईस्ट की स्थिति पर चर्चा होगी।