काबुल। अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांतों में हुए पाकिस्तानी हवाई हमलों में कम से कम 10 आम नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर बच्चे थे। अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने गुरुवार को नागरिक हताहतों की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलों में नौ अन्य लोग घायल भी हुए हैं। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहले से जारी तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।
UNAMA ने बताया कि कुनार और हेलमंद प्रांतों में हुए हवाई हमलों में नागरिकों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र मिशन के मुताबिक मरने वालों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। UNAMA ने सीमा-पार हिंसा के कारण लगातार हो रहे नागरिक नुकसान पर चिंता जताते हुए दोनों पक्षों से तनाव कम करने, बातचीत का रास्ता अपनाने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपील की है।
अफगान सरकार ने इससे पहले हताहतों का आंकड़ा नौ मृतक और 11 घायल बताया था। अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार हमलों में महिलाएं और बच्चे मारे गए तथा तीन मकान नष्ट हुए। उन्होंने कहा कि हमले पूर्वोत्तर के कुनार और दक्षिणी हेलमंद प्रांत में किए गए। अफगान प्रशासन ने इस कार्रवाई को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए इसकी निंदा की।
UNAMA की बाद की पुष्टि में नागरिकों की मौत का आंकड़ा बढ़कर कम से कम 10 बताया गया, जबकि घायलों की संख्या नौ दर्ज की गई। अलग-अलग स्रोतों में शुरुआती आंकड़ों में अंतर होने की वजह घटनास्थलों से जानकारी जुटाने और हताहतों की पुष्टि की प्रक्रिया हो सकती है।
पाकिस्तान ने इन हमलों को लेकर अलग दावा किया है। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों और हथियारों के भंडार को निशाना बनाकर की गई थी। पाकिस्तान ने दावा किया कि इन हमलों में 22 आतंकवादी मारे गए। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान का कहना है कि हमले खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए और नागरिक नुकसान से बचने के लिए लक्ष्य सावधानीपूर्वक चुने गए थे।
अफगान प्रशासन ने पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि हमलों में नागरिक मकानों को नुकसान पहुंचा और महिलाएं तथा बच्चे मारे गए। दोनों देशों की ओर से घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन UNAMA ने नागरिकों की मौत और घायल होने की पुष्टि की है।
यह घटना पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते सीमा-पार तनाव के बीच हुई है। दोनों पड़ोसी देशों के संबंध पिछले कुछ समय से आतंकवादी संगठनों की मौजूदगी और सीमा-पार हमलों के आरोपों को लेकर तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP से जुड़े लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान में हमले करने के लिए करते हैं। अफगान प्रशासन इन आरोपों को खारिज करता रहा है और कहता है कि पाकिस्तान की सुरक्षा समस्याएं उसका आंतरिक मामला हैं।
पिछले कुछ सप्ताहों में भी अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में हवाई हमले और अन्य हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। UNAMA के अनुसार 21 सितंबर को कुनार प्रांत में एक अन्य हवाई हमले में कम से कम तीन नागरिकों की मौत हुई थी और चार लोग घायल हुए थे। संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कहा है कि वर्ष 2026 में अब तक सीमा-पार सशस्त्र हिंसा के कारण अफगानिस्तान में 1,100 से अधिक नागरिकों की मौत या घायल होने के मामले दर्ज किए गए हैं।
ताजा हमलों के बाद अफगानिस्तान में स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी बढ़ी है। प्रभावित इलाकों में मकानों को नुकसान पहुंचने और नागरिकों की मौत के बाद अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान से ऐसी कार्रवाइयां रोकने को कहा है। काबुल का कहना है कि आतंकवाद से जुड़े किसी भी मुद्दे का समाधान बातचीत और आपसी सहयोग से होना चाहिए, न कि अफगान क्षेत्र के भीतर सैन्य हमलों से।
दूसरी ओर पाकिस्तान अपनी सुरक्षा चिंताओं को लगातार प्रमुखता देता रहा है। इस्लामाबाद का कहना है कि अफगानिस्तान की सीमा से सक्रिय सशस्त्र समूह पाकिस्तान के सुरक्षा बलों और नागरिकों पर हमले करते हैं। इसी आधार पर उसने हालिया हवाई कार्रवाई को आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ अभियान बताया है। अफगान पक्ष इस दावे को स्वीकार नहीं करता।
दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में कुछ समय के लिए तनाव में कमी आई थी, लेकिन ताजा हवाई हमलों ने संबंधों को फिर संवेदनशील स्थिति में पहुंचा दिया है। सीमा पर सैन्य गतिविधियां बढ़ने की स्थिति में इसका सीधा असर स्थानीय नागरिकों पर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
UNAMA ने इस घटना के बाद एक बार फिर नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कहा कि सीमा-पार शत्रुता में आम नागरिक लगातार प्रभावित हो रहे हैं और सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए कदम उठाने चाहिए।
कुनार और हेलमंद में हुए ताजा हमले के बाद अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अगले कदम पर है। एक तरफ पाकिस्तान आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई का दावा कर रहा है, वहीं अफगान सरकार नागरिकों की मौत को लेकर विरोध जता रही है। UNAMA की पुष्टि ने इस पूरे घटनाक्रम में नागरिकों को हुए नुकसान को केंद्र में ला दिया है और दोनों देशों पर तनाव कम करने तथा संवाद की ओर लौटने का दबाव बढ़ा है।
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