नई दिल्ली: Uber पर यूरोप में ड्राइवरों के अकाउंट को ऑटोमेटेड तरीके से सस्पेंड और डीएक्टिवेट करने के मामले में करीब €825 मिलियन यानी 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई नीदरलैंड्स की Dutch Data Protection Authority (DPA) ने की है। रेगुलेटर का कहना है कि Uber ने ड्राइवरों के खिलाफ ऐसे फैसले लिए जिनमें पर्याप्त मानवीय निगरानी नहीं थी और प्रभावित ड्राइवरों को ऑटोमेटेड फैसले लेने के प्रोसेस के बारे में जरूरी जानकारी भी नहीं दी गई।
मामला Uber के उन सिस्टम से जुड़ा है, जिनका इस्तेमाल ड्राइवरों के अकाउंट पर कार्रवाई करने के लिए किया जाता था। रेगुलेटर के मुताबिक, कंपनी के सिस्टम ने धोखाधड़ी की आशंका या कम ग्राहक रेटिंग जैसे मामलों में ड्राइवरों के अकाउंट को ऑटोमेटेड तरीके से अस्थायी या कुछ मामलों में स्थायी रूप से डीएक्टिवेट किया। इससे संबंधित ड्राइवरों की Uber के जरिए होने वाली कमाई पर सीधा असर पड़ सकता था।
रॉयटर्स के मुताबिक, यह मामला यूरोप में 2018 से 2022 के बीच की घटनाओं से जुड़ा है। शिकायत मूल रूप से फ्रांस में दाखिल की गई थी, लेकिन Uber का यूरोपीय मुख्यालय नीदरलैंड्स में होने के कारण जांच Dutch Data Protection Authority ने संभाली।
इस मामले में सबसे अहम मुद्दा यह है कि ड्राइवरों के खिलाफ महत्वपूर्ण फैसलों में ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। यूरोपीय GDPR नियमों के तहत ऐसे फैसलों पर सीमाएं हैं, जिनका किसी व्यक्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में सिर्फ कंप्यूटर आधारित निर्णय पर निर्भर रहने के बजाय जरूरी मानवीय मॉनिटरिंग और प्रभावित व्यक्ति को फैसले को चुनौती देने का मौका देना जरूरी है।
नीदरलैंड्स के रेगुलेटर ने कहा कि Uber के सिस्टम में ड्राइवरों के लिए पर्याप्त जानकारी और प्रभावी मानवीय समीक्षा की कमी थी। रेगुलेटर के मुताबिक, कुछ मामलों में ड्राइवरों को बिना पर्याप्त चेतावनी के प्लेटफॉर्म से हटाया गया, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ा।
रिपोर्ट बताती है कि Uber ने इस फैसले से असहमति जताई है। कंपनी का कहना है कि ज्यादातर ड्राइवर सस्पेंशन अस्थायी और कम अवधि के होते हैं और किसी ड्राइवर को स्थायी रूप से डीएक्टिवेट करने से पहले मानवीय समीक्षा की जाती है। कंपनी ने यह भी कहा कि ड्राइवरों के पास फैसले के खिलाफ अपील करने का विकल्प मौजूद है।
€824.99 मिलियन का यह जुर्माना GDPR के तहत अब तक के सबसे बड़े जुर्मानों में से एक है। रिपोर्ट आगे बताती है कि यह दूसरा सबसे बड़ा GDPR जुर्माना हो सकता है। इससे बड़ा जुर्माना 2023 में Meta पर लगाया गया था, जिसकी रकम €1.2 बिलियन थी।