नई दिल्ली: शनिवार को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 में से 8 फाइनेंशियल प्लानर फर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रही हैं या अगले 12 महीनों में इसे अपनाने की योजना बना रही हैं। यह संख्या 2025 में 10 में से 6 थी।
FPSB इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि AI तेज़ी से इस पेशे का मुख्य हिस्सा बन रहा है और इससे क्षमता और कार्यक्षमता (एफिशिएंसी) बढ़ रही है।
भारत समेत 37 देशों के 8,000 से ज़्यादा फाइनेंशियल प्लानर्स के ग्लोबल सर्वे से पता चला कि 93% प्लानर्स ने काम की बेहतर क्षमता महसूस की, 52% ने ऑपरेशनल क्षमता में बढ़ोतरी की बात कही और 49% ने कहा कि वे ज़्यादा क्लाइंट्स को सेवा दे पा रहे हैं।
FPSB इंडिया के CEO रमेश विश्वनाथन ने कहा, "AI तेज़ी से बदल रहा है कि फाइनेंशियल जानकारी कैसे बनाई, एक्सेस और इस्तेमाल की जाती है। हालांकि यह टेक्नोलॉजी क्षमता बढ़ाने और फाइनेंशियल प्लानिंग तक पहुंच बढ़ाने के बड़े मौके देती है, लेकिन सिर्फ़ जानकारी ही काफ़ी नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा, "फाइनेंशियल फ़ैसलों के लिए संदर्भ, समझ और किसी व्यक्ति के लक्ष्यों, प्राथमिकताओं और परिस्थितियों की जानकारी ज़रूरी होती है। जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ेगा, क्वालिफाइड फाइनेंशियल प्लानिंग प्रोफेशनल्स की भूमिका और भी अहम हो जाएगी। वे ग्राहकों को व्यक्तिगत संदर्भ में जानकारी समझने और सही फ़ैसले लेने में मदद करेंगे।"
लगभग 70% लोगों का मानना था कि AI उन लोगों तक फाइनेंशियल प्लानिंग की पहुंच बेहतर बना सकता है, जिनके पास अभी इसकी सुविधा नहीं है, जबकि 68% को उम्मीद है कि इससे सेवाओं की लागत कम होगी।
लगभग 83% का मानना था कि AI उन्हें ग्राहकों को बेहतर सेवा देने में मदद करेगा (2025 में यह आंकड़ा 78% था), जबकि 75% को उम्मीद है कि इससे फाइनेंशियल प्लानिंग सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी (पहले यह 60% था)।
पहले से ही 33% प्लानर्स का कहना है कि क्लाइंट्स सामान्य फाइनेंशियल जानकारी के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि 25% का कहना है कि क्लाइंट्स पेशेवर सलाह की पुष्टि करने या उसकी तुलना करने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।