technological प्रौद्योगिकीय : भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में स्कोडा और फॉक्सवैगन अपनी मजबूत बिल्ड क्वालिटी और दमदार परफॉर्मेंस के लिए लंबे समय से लोकप्रिय हैं। दोनों कंपनियां फिलहाल भारत में पेट्रोल इंजन आधारित वाहनों पर फोकस कर रही हैं, जिनमें टर्बोचार्ज्ड इंजन का उपयोग किया जाता है। अब यह दोनों ब्रांड्स भारतीय ग्राहकों के लिए नई टर्बो-पेट्रोल एसयूवी की एक बड़ी रेंज लाने की तैयारी में हैं।
आने वाले महीनों में कंपनी का लक्ष्य है कि वह 4 मीटर से छोटी कॉम्पैक्ट एसयूवी से लेकर हाई-परफॉर्मेंस और प्रीमियम सेगमेंट की लग्जरी एसयूवी तक कई नए मॉडल बाजार में उतारे। इन नए वाहनों को खासतौर पर भारतीय ग्राहकों की जरूरतों और बदलते ट्रेंड को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इन अपकमिंग मॉडलों में आधुनिक डिजाइन, बेहतर सेफ्टी फीचर्स, उन्नत टेक्नोलॉजी और ज्यादा माइलेज देने वाले टर्बो-पेट्रोल इंजन देखने को मिल सकते हैं। कंपनी का फोकस उन ग्राहकों पर है जो पावरफुल ड्राइविंग एक्सपीरियंस के साथ-साथ स्टाइल और आराम को भी प्राथमिकता देते हैं।
ऑटो सेक्टर के जानकारों का मानना है कि भारतीय बाजार में एसयूवी सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है और ऐसे में स्कोडा और फॉक्सवैगन की यह नई रणनीति उन्हें मजबूत प्रतिस्पर्धा में आगे रखने में मदद कर सकती है। खासकर कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में पहले से ही कई बड़ी कंपनियों की मौजूदगी है, ऐसे में नए मॉडल्स ग्राहकों को और ज्यादा विकल्प देंगे।
इन अपकमिंग गाड़ियों में सुरक्षा फीचर्स को भी प्राथमिकता दी जाएगी। उम्मीद है कि इनमें मल्टीपल एयरबैग्स, एडवांस ब्रेकिंग सिस्टम, ईएससी और कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी जैसे फीचर्स शामिल हो सकते हैं। साथ ही इंफोटेनमेंट सिस्टम को भी और ज्यादा स्मार्ट और यूजर-फ्रेंडली बनाया जाएगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले समय में भारतीय बाजार में टर्बो-पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियों की मांग और बढ़ सकती है, खासकर उन ग्राहकों के बीच जो डीजल विकल्प से दूर हो रहे हैं। ऐसे में स्कोडा और फॉक्सवैगन की यह नई लाइनअप बाजार में बड़ा बदलाव ला सकती है।कुल मिलाकर, दोनों कंपनियों की यह रणनीति भारतीय ऑटो सेक्टर में एसयूवी सेगमेंट को और ज्यादा प्रतिस्पर्धी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।