नई दिल्ली: मेटा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक और बड़ा कदम उठाते हुए अपना पर्सनल AI एजेंट ‘म्यूज’ लॉन्च किया है। कंपनी के मुताबिक, यह सिर्फ यूजर के सवालों के जवाब देने वाला चैटबॉट नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर यूजर की तरफ से कई डिजिटल काम भी कर सकता है। फिलहाल म्यूज को 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के यूजर्स के लिए अमेरिका में उपलब्ध कराया गया है।
म्यूज की खासियत यह है कि यह रोजमर्रा के छोटे डिजिटल कामों से लेकर लंबे समय के लक्ष्यों की प्लानिंग तक में मदद कर सकता है। यूजर इससे शेड्यूल तैयार करने, ईमेल भेजने, ऑनलाइन खरीदारी और यात्रा बुक करने जैसे काम करवा सकते हैं। इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति का लक्ष्य सालभर का एक्सरसाइज प्लान तैयार करना या नया बिजनेस शुरू करना है, तो म्यूज उस बड़े लक्ष्य को छोटे-छोटे एक्शन प्लान में बदलने में मदद कर सकता है।
चैटबॉट और AI एजेंट में क्या अंतर?
AI चैटबॉट और AI एजेंट के बीच सबसे बड़ा फर्क उनके काम करने के तरीके का है। सामान्य चैटबॉट से अगर कोई यूजर पूछता है कि दिल्ली से न्यूयॉर्क जाने के लिए सबसे सस्ती फ्लाइट कौन-सी है, तो वह उपलब्ध विकल्पों की जानकारी दे सकता है। लेकिन फ्लाइट चुनकर उसकी बुकिंग करना यूजर को खुद करना पड़ता है।
AI एजेंट इससे एक कदम आगे जाकर यूजर की ओर से डिजिटल काम कर सकता है। मसलन, यूजर उससे फ्लाइट बुक करने को कहता है, तो एजेंट विकल्प देख सकता है, संबंधित वेबसाइट खोल सकता है, जरूरी जानकारी भर सकता है और बुकिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है। संवेदनशील कामों में यूजर की मंजूरी भी जरूरी हो सकती है।
म्यूज को कितनी परमिशन देनी होगी?
मेटा के अनुसार, यूजर म्यूज को ईमेल, कैलेंडर और शॉपिंग जैसी सेवाओं से कनेक्ट कर सकता है। किस सेवा का कितना एक्सेस देना है, इसका फैसला यूजर खुद करता है।
इसके लिए कंपनी ने ‘म्यूज सिक्योर वीएम’ तैयार किया है। यहां वीएम यानी वर्चुअल मशीन को क्लाउड पर चलने वाले एक अलग कंप्यूटर सिस्टम की तरह समझा जा सकता है। मेटा का दावा है कि इस व्यवस्था में यूजर का डेटा और कनेक्टेड सेवाओं से जुड़े क्रेडेंशियल सुरक्षित रखे जाते हैं।
म्यूज के साथ ‘सेंटिनल’ नाम का एक अलग एजेंट भी काम करता है। मेटा के मुताबिक, म्यूज इंटरनेट पर कोई कार्रवाई तभी कर सकता है, जब सेंटिनल उसे मंजूरी दे। ईमेल भेजने या ऑनलाइन खरीदारी जैसे संवेदनशील कामों से पहले यूजर की अनुमति भी ली जा सकती है।
पासवर्ड और कार्ड की जानकारी का क्या होगा?
सुरक्षा को लेकर मेटा का कहना है कि यूजर के पासवर्ड और पेमेंट डिटेल्स सुरक्षित स्टोरेज में रहते हैं। म्यूज उनका इस्तेमाल जरूरी काम पूरा करने के लिए कर सकता है, लेकिन उसे ये संवेदनशील जानकारी सीधे दिखाई नहीं देती।
कंपनी के मुताबिक, यूजर म्यूज द्वारा किए गए कामों और आगे की जाने वाली कार्रवाइयों का ऑडिट ट्रेल भी देख सकता है। यानी यूजर के पास यह देखने का विकल्प रहेगा कि एजेंट ने कौन-कौन से डिजिटल कदम उठाए।
मार्क जुकरबर्ग के बड़े AI विजन का हिस्सा
म्यूज को मेटा CEO मार्क जुकरबर्ग के बड़े AI विजन का हिस्सा माना जा रहा है। जुकरबर्ग ने हाल ही में एक लंबे निबंध में AI सुपरइंटेलिजेंस को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की अपनी सोच बताई थी। उनके विजन के मुताबिक, आने वाले समय में लोगों के पास ऐसे पर्सनल AI एजेंट हो सकते हैं, जो उनके लक्ष्यों और जरूरतों को समझकर लगातार मदद करें। ये एजेंट करियर, पैसे, घर के काम, पढ़ाई, बिजनेस और रोजमर्रा की प्लानिंग जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम आ सकते हैं।
जुकरबर्ग का मानना है कि ऐसे AI एजेंट लोगों के कई जरूरी काम संभालकर उनका समय बचा सकते हैं। हालांकि, AI के इस तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ सुरक्षा, प्राइवेसी और एजेंट को दी जाने वाली परमिशन जैसे सवाल भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
फिलहाल म्यूज की शुरुआत अमेरिका से हुई है। आगे इसे दूसरे देशों में कब और किस रूप में उपलब्ध कराया जाएगा, इस पर मेटा की ओर से अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
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