AI के प्रभाव में Livspace, कर्मचारियों की छंटनी और को-फाउंडर ने छोड़ा पद
Technology टेक्नोलॉजी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मार्केट में नौकरियों को प्रभावित कर रहा है और यह सिर्फ आईटी सेक्टर ही नहीं बल्कि अन्य सेक्टर पर भी असर डाल रहा है। पिछले कुछ समय से एआई के इस्तेमाल के बाद नौकरियों में कमी और कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों की छंटनी की खबरें आ रही हैं। हाल ही में बेंगलुरु के होम इंटीरियर और रिनोवेशन स्टार्टअप Livspace ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी अपनाने के बाद करीब 1 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला दिया है। इसी के साथ कंपनी के को-फाउंडर सौरभ जैन ने भी 11 साल बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
इस छंटनी से लिवस्पेस के कुल 12 प्रतिशत कर्मचारियों पर असर पड़ा है। बेंगलुरु बेस्ड यह स्टार्टअप कथित तौर पर लागत कम करने और AI पर ज्यादा फोकस करने के लिए एक बड़ा बदलाव कर रहा है। इतने ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी के साथ-साथ को-फाउंडर सौरभ जैन ने भी 11 साल के बाद लिवस्पेस छोड़ दिया। जैन ने 2015 में अपने स्टार्टअप डेजिग्नअप के अधिग्रहण के बाद लिवस्पेस ज्वाइन किया था और 2022 में चीफ बिजनेस ऑफिसर के पद पर प्रमोट हुए थे।
एआई के इस दौर में अधिकतर कंपनियां एआई के जरिए अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और लागत को कम करने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं और इसी तर्ज पर लिवस्पेस भी एआई के जरिए प्रोडक्टिविटी बढ़ाने पर काम कर रहा है। कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि यह कदम लागत कम करने के उद्देश्य से नहीं लिया गया है। बल्कि देखा जाए तो इससे तुरंत लागत में कटौती नहीं होगी, बल्कि इससे रिसोर्स का सही इस्तेमाल करने पर ध्यान देना है।
Livspace ने अपने कई डिपार्टमेंट में ऑटोमेशन लागू किया है, जिसके चलते पहले मैनुअली होने वाले कई टास्क अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा मैनेज किए जा रहे हैं। कंपनी ने अपने प्रमुख डिपार्टमेंट जैसे कि सेल्स, ऑपरेशन, डिजाइन और मार्केटिंग में एडवांस एआई एजेंट और ऑटोमैशन को इंटीग्रेट किया है। कई सेक्टर में पहले मैनुअली होने वाले टास्क अब इंटेलिजेंस सिस्टम से हो रहे हैं। आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब Livspace ने अपने कर्मचारियों में कटौती की है। 2023 में कंपनी ने करीबन 100 कर्मचारियों की छंटनी की थी और 2020 में 400 से ज्यादा नौकरियां खत्म की थीं।