घिबली फाउंडर ने AI जनरेटेड कला पर उठाए सवाल

Update: 2025-03-31 09:44 GMT

टेक्नोलॉजी | घिबली स्टूडियो के फाउंडर ने हाल ही में AI द्वारा जनरेट की गई तस्वीरों पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि ये "जीवन का अपमान है" और इससे असली कला की कीमत कम हो रही है। उनका मानना है कि AI के जरिए बनाई गई तस्वीरें असली मानव रचनात्मकता और भावना का स्थान नहीं ले सकतीं। घिबली स्टूडियो, जो अपनी अद्वितीय कला शैली और कहानी कहने के लिए प्रसिद्ध है, इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रख रहा है।

फाउंडर के अनुसार, AI जनरेटेड कला में वह गहराई और भावनात्मक जुड़ाव नहीं हो सकता, जो एक कलाकार अपने हाथों से अपने काम में डालता है। उनकी चिंता यह है कि इस तकनीकी विकास से भविष्य में कलाकारों का काम कमतर समझा जा सकता है। घिबली स्टूडियो की फिल्मों में जो अनोखी कल्पनाशीलता और दृश्यात्मकता दिखाई देती है, वह केवल मानवीय रचनात्मकता से ही संभव हो सकती है, और AI उसे नकल करने की कोशिश कर रहा है, जो कि कला के सच्चे रूप के लिए खतरे की घंटी है।

इसलिए, स्टूडियो के फाउंडर ने AI से उत्पन्न होने वाली कला के खिलाफ अपनी आवाज उठाई, यह कहते हुए कि यह एक तरह से कला के मूल और कलाकारों की मेहनत का अपमान है।

Tags:    

Similar News