खेल ~भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज में रोहित शर्मा ने अपने बल्ले से एक बार फिर दमदार प्रदर्शन किया। हालांकि, सीरीज के तीसरे और आखिरी मुकाबले में रोहित 92 रन बनाकर आउट हो गए और अपना शतक पूरा नहीं कर सके। उनकी इस पारी के बावजूद महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर निराश नजर आए। लेकिन उनकी निराशा रोहित के खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं थी, बल्कि वह चाहते थे कि भारतीय स्टार बल्लेबाज एक और वनडे शतक अपने नाम करें। गावस्कर ने रोहित के संभावित संन्यास को लेकर भी बड़ी बात कही है। 
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 92 रनों की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके और 3 छक्के लगाए। मुश्किल परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय पारी को मजबूती दी। रोहित और केएल राहुल की पारियों की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 352 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। हालांकि, भारतीय गेंदबाज इस स्कोर का बचाव नहीं कर सके और वेस्टइंडीज ने कप्तान शाई होप की नाबाद 162 रनों की शानदार पारी के दम पर मुकाबला जीत लिया। इसके बावजूद भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की। 
रोहित शर्मा के 92 रन पर आउट होने के बाद सुनील गावस्कर ने बताया कि उन्हें इस बात की निराशा क्यों हुई। गावस्कर ने कहा कि रोहित अगर इस मुकाबले में शतक बना लेते तो यह उनके वनडे करियर का 36वां शतक होता। उनके मुताबिक रोहित के करियर को देखते हुए हर शतक बेहद खास है और वह चाहते हैं कि जब रोहित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई लें, तब उनके वनडे शतकों की संख्या उनकी उम्र से ज्यादा हो। 
गावस्कर ने यह भी कहा कि रोहित शर्मा संभ27 वनडे विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि रोहित ने खुद अभी ऐसा कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। गावस्कर ने केवल संभावित भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपनी इच्छा जाहिर की है। उनका कहना है कि अगर रोहित विश्व कप 2027 के बाद संन्यास लेते हैं, तो वह चाहते हैं कि उस समय तक उनके वनडे शतकों की संख्या उनकी उम्र से अधिक हो। 
गावस्कर ने अपने करियर का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी दौर में उनकी इच्छा थी कि उनके टेस्ट शतकों की संख्या उनकी उम्र के बराबर हो। लेकिन वह तीन बार 90 के दशक में आउट हो गए और उन मौकों पर शतक पूरा नहीं कर सके। अगर वे तीनों पारियां शतक में बदल जातीं तो उनके शतकों की संख्या उनकी रिटायरमेंट की उम्र के बराबर पहुंच जाती। इसी अनुभव के कारण वह चाहते हैं कि रोहित इस खास उपलब्धि को हासिल करें। 
गावस्कर ने रोहित की मौजूदा बल्लेबाजी शैली में आए बदलाव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 2023 वनडे विश्व कप के दौरान रोहित का बल्लेबाजी अंदाज बेहद आक्रामक था। वह पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर हमला करते थे और जल्दी रन बनाने की कोशिश करते थे। उस समय उन्हें जल्दी आउट होने की संभावना की ज्यादा चिंता नहीं होती थी, क्योंकि उनका मकसद टीम को तेज शुरुआत देना था।
हालांकि, अब रोहित की बल्लेबाजी में थोड़ा बदलाव दिखाई देता है। गावस्कर के अनुसार, रोहित अब अपने विकेट की अहमियत को पहले से ज्यादा समझते हैं। वह शुरुआत में परिस्थितियों को पढ़ते हैं और फिर बड़े स्कोर की ओर बढ़ते हैं। गावस्कर का मानना है कि रोहित सिर्फ 30 या 40 रन बनाने वाले बल्लेबाज नहीं हैं। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो बड़ी पारी खेलकर उसे शतक में बदलने की क्षमता रखते हैं। 
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में शतक से चूकने के बावजूद रोहित का प्रदर्शन सीरीज में शानदार रहा। तीन मैचों में उन्होंने 32, 101 और 92 रन बनाए। यानी रोहित ने सीरीज में एक शतक और एक अर्धशतक के साथ लगातार उपयोगी पारियां खेलीं। इससे उनके वनडे भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं को भी कुछ हद तक विराम मिला है। इससे पहले भी उनके वनडे टीम में स्थान और भविष्य को लेकर सवाल उठते रहे थे। 
खास बात यह है कि रोहित ने 2026 में अपने भविष्य को लेकर उठ रही अटकलों का जवाब मैदान पर शानदार प्रदर्शन से दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ भी उन्होंने शतक लगाया था और अब वेस्टइंडीज के खिलाफ 101 रन की पारी खेलने के बाद 92 रन बनाए। इस प्रदर्शन से साफ है कि रोहित अभी भी वनडे क्रिकेट में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। 
अब नजरें रोहित शर्मा के अगले मुकाबलों पर होंगी। 2027 वनडे विश्व कप को देखते हुए भारतीय टीम के लिए उनका अनुभव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर वह इसी तरह लगातार रन बनाते रहे तो टीम को शीर्ष क्रम में बड़ा फायदा मिल सकता है। साथ ही, गावस्कर की इच्छा के मुताबिक रोहित के लिए अगले कुछ महीने अपने वनडे शतकों की संख्या बढ़ाने के लिहाज से भी खास हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, सुनील गावस्कर का बयान रोहित की आलोचना से ज्यादा उनके प्रति सम्मान और उम्मीद को दर्शाता है। 92 रन की पारी को खराब प्रदर्शन कहना उचित नहीं होगा। गावस्कर की निराशा सिर्फ इसलिए थी क्योंकि रोहित एक शानदार शतक से महज आठ रन दूर रह गए। अब देखना दिलचस्प होगा कि रोहित आने वाले मुकाबलों में कितने और शतक जोड़ते हैं और क्या वह 2027 विश्व कप तक अपने लिए गावस्कर की बताई गई इस खास उपलब्धि के करीब पहुंच पाते हैं। 
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