जनता से रिश्ता वेबडेस्क। सनराइजर्स हैदराबाद ने अपने पूर्व कप्तान डेविड वॉर्नर को दूध में से मक्खी की तरह बाहर कर दिया. सोमवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ IPL मैच में डेविड वॉर्नर को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर जेसन रॉय को मौका दिया गया था. आईपीएल 2021 में वॉर्नर संघर्ष करते हुए दिखे हैं, उन्होंने इस सीजन खेले गए 8 मैचों मे 195 रन बनाए हैं. उन्हें खराब फॉर्म और टीम की लगातार हार के चलते इस सीजन के बीच में ही कप्तानी गवांनी पड़ी. डेविड वॉर्नर की जगह केन विलियमसन को टीम की कमान सौंपी गई है.

वॉर्नर को दूध में से मक्खी की तरह किया बाहर

राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ सोमवार को दुबई में खेले गए मुकाबले में एक बहुत ही अजीब स्थिति देखने मिली. डेविड वॉर्नर बाकी टीम के साथ डगआउट में मौजूद नहीं थे, और इस चीज ने फैंस का ध्यान खींचा. इसके बाद एक फैन ने सनराइजर्स हैदराबाद की इंस्टाग्राम पोस्ट पर सवाल पूछा कि वॉर्नर स्टेडियम में हैं, हमने उन्हें नहीं देखा? जिसका वॉर्नर ने चौंकाने वाला जवाब दिया. वॉर्नर ने फैन को जवाब दिया, 'दुर्भाग्य से, फिर नहीं होगा लेकिन प्लीज सपोर्ट करते रहें.'


वॉर्नर के इस कमेंट ने हैदराबाद के फैंस से लेकर कमेंटेटर्स तक को हैरान कर दिया. वह केदार जाधव और शाहबाज नदीम के साथ होटल में ही रुके थे. डेविड वॉर्नर के इस कमेंट से सनसनी फैल गई और फैंस उनके बयान से कयास लगाने लगे कि वह शायद आखिरी बार सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल खेल रहे हैं.





वॉर्नर की कप्तानी में जीता था खिताब

हैदराबाद की टीम ने अपना इकलौता आईपीएल खिताब भी डेविड वॉर्नर (David Warner) की ही कप्तानी में जीता था. वॉर्नर ने अपनी कप्तानी में हैदराबाद को 2016 का आईपीएल खिताब जिताया था. उस समय इस टीम ने आरसीबी को फाइनल में मात दी थी.

क्या थी कप्तानी से हटाने की वजह?

वॉर्नर को कप्तानी से हटाए जाने की वजह दिल्ली के खिलाफ मैच में गलत फैसले को माना जा रहा है. दरअसल, 25 अप्रैल को आईपीएल के शुरुआती चरण के एक मैच में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम सुपर ओवर में दिल्ली से हार गई थी. हार के बाद डेविड वॉर्नर के फैसले पर तब सवाल खड़े हुए, जब उन्होंने सुपर ओवर में जॉनी बेयरस्टो को पारी शुरू करने नहीं भेजा. इस फैसले पर सहवाग सहित कई दिग्गजों ने सवाल उठाए थे. दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली हार के बाद डेविड वॉर्नर ने कहा था कि मनीष पांड को ड्रॉप करना चयनकर्ताओं का एक कठोर फैसला था. वॉर्नर ने कहा कि आखिर में बात यह है कि यह एक निर्णय है जो उन्होंने लिया. सनराइजर्स हैदराबाद टीम प्रबंधन को उनका यह बयान रास नहीं आया और वॉर्नर को कप्तानी गंवानी पड़ी.

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