विराट का तूफानी शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ दिखा नया अंदाज
मुश्किल वक्त में विराट का भरोसेमंद अंदाज
थिरुवनंतपुरम : भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में अपने नए और आक्रामक अंदाज का शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले में कोहली ने शानदार शतक लगाते हुए टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई।भारत के सामने 299 रन का लक्ष्य था, जिसे टीम ने सफलतापूर्वक हासिल किया। इस रन चेज के दौरान विराट कोहली ने केवल 88 गेंदों में नाबाद 139 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी इस पारी में 10 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। कोहली ने 157 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए दिखाया कि वह अब भी बड़े लक्ष्य का पीछा करने में दुनिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हैं।
कोहली ने दिखाया आक्रामक और नियंत्रित खेल
विराट कोहली की इस पारी की खास बात उनका संतुलित आक्रामक अंदाज रहा। उन्होंने शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाया, लेकिन बिना अनावश्यक जोखिम लिए बड़े शॉट लगाए।37 वर्षीय बल्लेबाज ने अपनी पारी के दौरान नियंत्रण और संयम बनाए रखा। उन्होंने जरूरत के हिसाब से शॉट लगाए और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।कोहली का यह अंदाज उनके वनडे करियर की उस शैली से जुड़ा हुआ है, जिसमें वह मुश्किल परिस्थितियों में पारी को संभालते हुए टीम को जीत तक ले जाते रहे हैं।
खुलकर खेलने का लिया था फैसला
पहले वनडे से पहले विराट कोहली ने अपनी बल्लेबाजी में आए बदलाव को लेकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि उन्होंने खुद से खुलकर खेलने का वादा किया है।कोहली ने कहा कि लंबे समय तक उनकी भूमिका पारी को संभालने और टीम को स्थिरता देने की रही है। इसी वजह से कई बार उन्हें जोखिम कम लेना पड़ता था।उन्होंने बताया कि अब वह अपनी बल्लेबाजी में ज्यादा सकारात्मक सोच के साथ उतर रहे हैं और लोगों की उम्मीदों के दबाव की चिंता किए बिना अपना स्वाभाविक खेल खेलने पर ध्यान दे रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद किया बदलाव
विराट कोहली ने खुलासा किया कि पिछले साल ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो बार शून्य पर आउट होने के बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर विचार किया था।उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए खुद को ज्यादा स्वतंत्र तरीके से खेलने के लिए तैयार किया। इसके बाद से उनके खेल में आक्रामकता और आत्मविश्वास दोनों देखने को मिल रहे हैं।कोहली ने माना कि उनमें हमेशा से बड़े शॉट खेलने की क्षमता रही है, लेकिन मैच की परिस्थितियों और टीम की जरूरत के कारण उन्हें कई बार अधिक सावधानी से बल्लेबाजी करनी पड़ती थी।
वनडे करियर की पहचान फिर दिखी
विराट कोहली की सबसे बड़ी ताकत लंबे समय से लक्ष्य का पीछा करते समय उनकी बल्लेबाजी रही है। कई अहम मुकाबलों में उन्होंने धैर्य और आक्रामकता के बीच शानदार तालमेल दिखाया है।वेस्टइंडीज के खिलाफ इस पारी में भी यही देखने को मिला। उन्होंने पहले पारी को संभाला और फिर तेजी से रन बनाते हुए मुकाबले को भारत के पक्ष में कर दिया।उनकी बल्लेबाजी में अनुभव और आक्रामकता का मिश्रण साफ नजर आया।
फैंस के लिए खास रही पारी
कोहली के इस शतक ने क्रिकेट फैंस को एक बार फिर उनकी पुरानी शानदार बल्लेबाजी की याद दिला दी। सोशल मीडिया पर भी उनकी पारी की चर्चा रही।फैंस ने उनके आक्रामक अंदाज और लक्ष्य का पीछा करने की क्षमता की जमकर तारीफ की।
आगे भी जारी रखने पर नजर
विराट कोहली ने संकेत दिया है कि वह वनडे क्रिकेट में अब ज्यादा सकारात्मक और आक्रामक रवैया अपनाना चाहते हैं। उनकी यह रणनीति आने वाले मुकाबलों में भी टीम इंडिया के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में खेली गई 139 रन की नाबाद पारी ने यह साबित कर दिया कि कोहली अनुभव के साथ अपने खेल को लगातार बेहतर बना रहे हैं। उनका नया अंदाज वनडे क्रिकेट में भारत के लिए एक मजबूत हथियार बन सकता है।