ऑकलैंड। भारतीय टी20 क्रिकेट टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा ने अपनी बल्लेबाजी शैली में आए महत्वपूर्ण बदलाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी क्रम में तीसरे स्थान से पांचवें या छठे नंबर पर आने के बाद उनकी सोच और खेलने का तरीका बदल गया है। पहले वह क्रीज पर पहुंचकर खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालने के लिए कुछ समय लेते थे, लेकिन अब उनका ध्यान पहली गेंद से ही रन बनाने के अवसर तलाशने पर रहता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब हर गेंद पर बड़ा शॉट लगाना नहीं है। यदि गेंद बाउंड्री लगाने के योग्य होती है, तभी वह आक्रामक शॉट खेलने का प्रयास करते हैं। अन्यथा उनका उद्देश्य पारी को संभालना और मैच को अंतिम ओवरों तक ले जाना होता है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेली जा रही है। भारतीय टीम शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। अब दोनों टीमों के बीच चौथा टी20 मुकाबला शुक्रवार, 30 अक्टूबर को ऑकलैंड के ईडन पार्क मैदान पर खेला जाएगा। इस महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए तिलक वर्मा ने टीम में अपनी नई जिम्मेदारी, बल्लेबाजी क्रम और दबाव की परिस्थितियों में रन बनाने की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की।
तिलक वर्मा ने कहा कि उनके पास पहले से ही बड़े शॉट खेलने की क्षमता थी और उन्होंने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए भी कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। लेकिन पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने का मतलब है कि बल्लेबाज को अक्सर कम गेंदें खेलने का मौका मिलता है। ऐसे में शुरुआत से रन बनाने की कोशिश करना जरूरी हो जाता है।
उन्होंने बताया कि अब वह क्रीज पर उतरते ही गेंदबाज की योजना को समझने और रन बनाने के अवसर तलाशने का प्रयास करते हैं। हालांकि, परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने पर वह जोखिम लेने के बजाय समझदारी से बल्लेबाजी करना पसंद करते हैं।
भारतीय उपकप्तान के अनुसार, उनकी प्राथमिकता केवल चौके-छक्के लगाना नहीं है, बल्कि परिस्थितियों को समझकर टीम के लिए अधिकतम रन बनाना है। अगर शुरुआती गेंदों पर बाउंड्री लगाने का अवसर नहीं मिलता, तो वह सिंगल और डबल लेकर स्ट्राइक बदलते हैं। इसके साथ ही फील्डिंग में खाली स्थान तलाशकर रन जुटाने की कोशिश करते हैं।
तिलक ने कहा कि रन चेज के दौरान मैच को आखिरी ओवरों तक ले जाने की रणनीति कई बार बेहद कारगर साबित होती है। इससे बल्लेबाज को गेंदबाजों की रणनीति समझने का अवसर मिलता है और अंतिम ओवरों में रन बनाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
दरअसल, न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में तिलक वर्मा ने अपनी नई भूमिका में शानदार प्रदर्शन किया है। दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम मुश्किल परिस्थितियों में फंस गई थी। क्राइस्टचर्च में खेले गए इस मुकाबले में भारत को जीत के लिए 181 रनों का लक्ष्य मिला था, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम ने केवल 70 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे।
ऐसे मुश्किल समय में तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभाली और नितीश कुमार रेड्डी के साथ मिलकर महत्वपूर्ण साझेदारी की। तिलक ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रनों की पारी खेली, जबकि नितीश ने 13 गेंदों पर 26 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों के बीच सातवें विकेट के लिए 69 रनों की अटूट साझेदारी हुई। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने मुकाबला चार विकेट से जीत लिया।
यह साझेदारी पुरुषों के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सातवें विकेट के लिए भारत की सबसे बड़ी साझेदारी भी बनी। तिलक की इस पारी ने साबित किया कि वह केवल ऊपरी क्रम में ही नहीं, बल्कि मध्यक्रम में भी मुश्किल परिस्थितियों से टीम को बाहर निकालने की क्षमता रखते हैं।
तिलक वर्मा ने इस मुकाबले को याद करते हुए बताया कि उन्होंने नितीश कुमार रेड्डी से कहा था कि यदि वे इस परिस्थिति से मैच जीतने में सफल रहते हैं, तो यह बेहद यादगार होगा। दोनों बल्लेबाजों ने विकेट बचाकर खेल को अंतिम ओवरों तक ले जाने की
रणनीति
अपनाई और आखिरकार टीम को जीत दिलाई।
उन्होंने यह भी बताया कि आखिरी ओवरों में बल्लेबाजों की तुलना में गेंदबाजों पर अधिक दबाव होता है। बल्लेबाज यदि सकारात्मक सोच के साथ क्रीज पर मौजूद रहता है, तो गेंदबाज दबाव में गलतियां कर सकता है। तिलक के मुताबिक, इसी मानसिकता के साथ वह अंतिम ओवरों में बल्लेबाजी करने उतरते हैं।
भारतीय टीम के उपकप्तान ने कहा कि उच्च स्तर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। लगातार मैच खेलने, यात्रा करने और अलग-अलग परिस्थितियों में प्रदर्शन करने की चुनौतियों को बहाना नहीं बनाया जा सकता। टीम को हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है।
उन्होंने भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के संदेश का भी उल्लेख किया। तिलक के अनुसार, कोच ने खिलाड़ियों को स्पष्ट कर दिया है कि न्यूजीलैंड का यह दौरा लंबा है और टी20 टीम को ऐसा प्रदर्शन करना चाहिए, जिससे आगे वनडे तथा टेस्ट मुकाबले खेलने वाली टीमों को भी सकारात्मक ऊर्जा मिले।
भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज अपने नाम कर ली है, लेकिन खिलाड़ियों का लक्ष्य केवल सीरीज जीतने तक सीमित नहीं है। तिलक वर्मा ने कहा कि टीम अगले दोनों मुकाबले जीतकर पांच मैचों की सीरीज 5-0 से अपने नाम करना चाहती है।
उनके अनुसार, भारतीय टीम को जीत की लय बनाए रखने और हर मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने पर ध्यान देना चाहिए। टीम के सभी खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारियों को समझते हैं और उसी के अनुसार मैदान पर प्रदर्शन करने का प्रयास कर रहे हैं।
तिलक वर्मा का मानना है कि मध्यक्रम में बल्लेबाजी करना उनके क्रिकेट करियर के लिए महत्वपूर्ण अनुभव साबित हो रहा है। इससे उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने और दबाव के समय निर्णय लेने का अवसर मिला है। पहले जहां उनकी पहचान तीसरे नंबर के भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में थी, वहीं अब वह फिनिशर की भूमिका में भी अपनी उपयोगिता साबित कर रहे हैं।
फिलहाल भारतीय टीम की नजर शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले चौथे टी20 मुकाबले पर है। तिलक वर्मा की आक्रामक लेकिन परिस्थितियों के अनुसार बदलने वाली बल्लेबाजी रणनीति टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अब देखना होगा कि ऑकलैंड में वह अपनी नई भूमिका में किस तरह प्रदर्शन करते हैं और भारत को सीरीज में लगातार चौथी जीत दिलाने में कितना योगदान देते हैं।
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