भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट का वह विवाद, जिसे स्मिथ ने बताया था ‘ब्रेन फेड’
कोहली ने तुरंत जताया विरोध
बेंगलुरु: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट मुकाबलों में कई बार खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धा तीखी बहस तक पहुंची है। ऐसा ही एक विवाद मार्च 2017 में बेंगलुरु टेस्ट के दौरान हुआ था, जब तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ आउट दिए जाने के बाद डीआरएस लेने के फैसले के लिए ड्रेसिंग रूम की ओर देखते नजर आए। तत्कालीन भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इस पर तुरंत विरोध जताया। बाद में स्मिथ ने अपनी हरकत को स्वीकार करते हुए इसे क्षणिक चूक यानी ‘ब्रेन फेड’ बताया था।
यह घटना बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट की है। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के चौथे दिन, 7 मार्च को ऑस्ट्रेलिया अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रहा था। भारत ने मेहमान टीम के सामने जीत के लिए 188 रन का लक्ष्य रखा था। इसी दौरान उमेश यादव की गेंद पर स्मिथ को एलबीडब्ल्यू आउट दिया गया।
गेंद नीची रही और स्मिथ के जूते के पास लगी। अंपायर निगेल लॉन्ग ने उंगली उठा दी। इसके बाद स्मिथ यह तय करने के लिए दूसरे छोर पर मौजूद पीटर हैंड्सकॉम्ब से बातचीत करने लगे कि फैसले को डीआरएस के जरिए चुनौती दी जाए या नहीं। इसी बातचीत के दौरान दोनों बल्लेबाज ड्रेसिंग रूम की दिशा में देखते नजर आए। अंपायर ने इसे देखा और स्मिथ को रिव्यू लेने की अनुमति नहीं मिली। कोहली ने मैदान पर ही इस हरकत का विरोध किया। उन्होंने अंपायर का ध्यान इस ओर खींचा कि रिव्यू लेने के फैसले में बाहर से मदद नहीं ली जा सकती। इस घटनाक्रम के बाद स्मिथ को पवेलियन लौटना पड़ा। भारतीय कप्तान की प्रतिक्रिया और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान का ड्रेसिंग रूम की ओर देखना मुकाबले का बड़ा विवाद बन गया।
डीआरएस का इस्तेमाल मैदानी अंपायर के फैसले की समीक्षा के लिए किया जाता है। लेकिन रिव्यू लेने का निर्णय करते समय ड्रेसिंग रूम से सलाह लेना स्वीकार्य नहीं था। वहां मौजूद सहयोगी स्टाफ के पास टेलीविजन रीप्ले उपलब्ध हो सकते हैं। इसी वजह से बाहर से संकेत मिलने पर किसी टीम को अनुचित लाभ मिलने का सवाल उठता है। स्मिथ के मामले में विवाद आउट दिए जाने से अधिक रिव्यू का निर्णय लेने के तरीके पर था। मैच के बाद स्मिथ ने स्वीकार किया कि उन्हें ड्रेसिंग रूम की ओर नहीं देखना चाहिए था। उन्होंने इसे सोचने-समझने में हुई क्षणिक चूक बताया। हालांकि, कोहली ने इस सफाई पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने मैच में अन्य अवसरों पर भी रिव्यू के लिए ड्रेसिंग रूम की ओर देखा था। बार-बार ऐसा किए जाने की बात कोहली का आरोप थी; ऑस्ट्रेलियाई पक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया था।
विवाद के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने स्मिथ और कोहली, दोनों के व्यवहार पर विचार किया। परिषद ने इस मामले में किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ आगे कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया। साथ ही, अगले टेस्ट से पहले मैच रेफरी के जरिए दोनों कप्तानों को खेल के प्रति उनकी जिम्मेदारियां याद दिलाने की बात कही गई। इसलिए इस घटनाक्रम को स्मिथ पर बेईमानी साबित होने या सजा मिलने के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। मैदान पर भारत ने यह मुकाबला 75 रन से जीता और चार मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल की। भारतीय टीम की वापसी के साथ स्मिथ का डीआरएस विवाद भी इस टेस्ट की प्रमुख याद बन गया। यह घटना दिखाती है कि बेहद प्रतिस्पर्धी मुकाबले में रिव्यू से जुड़ा एक फैसला भी खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के बीच कितना बड़ा मुद्दा बन सकता है।