Sports स्पोर्ट्स : विश्व टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC 2025-27 के एक अहम मुकाबले में टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर शानदार वापसी की है। इस जीत से भारत के खाते में जरूरी अंक जुड़े और टीम का पॉइंट्स परसेंटेज यानी PCT भी बढ़ गया। हालांकि, इसके बावजूद WTC पॉइंट्स टेबल में भारत की रैंकिंग में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। क्रिकेट फैंस के बीच यही सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर जीत के बाद भी टीम इंडिया ऊपर क्यों नहीं पहुंच पाई।

दरअसल, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका सामान्य टूर्नामेंट की तरह सिर्फ जीत और हार के आधार पर तय नहीं होती है। इसमें टीमों की स्थिति का फैसला पॉइंट्स परसेंटेज यानी PCT के आधार पर किया जाता है। PCT का मतलब होता है कि किसी टीम ने उपलब्ध कुल अंकों में से कितने प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। यही वजह है कि ज्यादा जीत के बावजूद कई बार किसी टीम की रैंकिंग तुरंत नहीं बदलती।

WTC में हर टेस्ट जीतने पर टीम को 12 अंक मिलते हैं। ड्रॉ होने पर 4 अंक और टाई होने पर 6 अंक दिए जाते हैं। लेकिन टीम की स्थिति कुल मिले अंकों से नहीं, बल्कि जीते गए अंकों के प्रतिशत से तय होती है। इसलिए किसी टीम ने कितने मैच खेले हैं और उनमें उसका प्रदर्शन कैसा रहा है, यह भी काफी महत्वपूर्ण होता है।

भारत और श्रीलंका के मुकाबले में जीत से टीम इंडिया का PCT जरूर बेहतर हुआ, लेकिन ऊपर की टीमों से अंतर खत्म नहीं हुआ। WTC की रैंकिंग में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ एक जीत काफी नहीं होती, बल्कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होता है। अगर किसी टीम का PCT भारत से ज्यादा है तो वह टीम तालिका में ऊपर बनी रहेगी, भले ही भारत ने हाल ही में एक मुकाबला जीत लिया हो।

इसके अलावा WTC चक्र में सभी टीमों के मैचों की संख्या बराबर नहीं होती। कोई टीम ज्यादा मुकाबले खेल चुकी होती है तो कोई कम मैच खेलती है। ऐसे में PCT का महत्व और बढ़ जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई टीम कम मैच खेलकर लगातार जीत हासिल करती है तो उसका प्रतिशत काफी ज्यादा हो सकता है। वहीं दूसरी ओर ज्यादा मैच खेल चुकी टीम को ऊपर जाने के लिए कई जीत दर्ज करनी पड़ सकती हैं।

टीम इंडिया के लिए श्रीलंका के खिलाफ जीत काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ा है और फाइनल की दौड़ में उम्मीदें भी मजबूत हुई हैं। लेकिन WTC फाइनल में जगह बनाने के लिए भारत को आगे आने वाले मुकाबलों में लगातार जीत हासिल करनी होगी। सिर्फ एक या दो जीत से अंतिम दो स्थानों में पहुंचना आसान नहीं होगा।

भारत के सामने अभी कई बड़ी चुनौतियां हैं। आने वाली टेस्ट सीरीज में मजबूत टीमों के खिलाफ प्रदर्शन करना होगा। खासतौर पर विदेशी दौरों पर जीत हासिल करना WTC फाइनल की राह में बेहद अहम साबित होगा। क्योंकि WTC में हर मुकाबले का असर PCT पर पड़ता है और छोटी सी गलती भी टीम की स्थिति को प्रभावित कर सकती है।

क्रिकेट विशेषज्ञों के मुताबिक, WTC में रैंकिंग का खेल थोड़ा अलग है। यहां सिर्फ जीत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि जीत का सिलसिला बनाए रखना जरूरी होता है। यही कारण है कि भारत का PCT बढ़ने के बावजूद उसकी रैंकिंग में तुरंत बदलाव नहीं आया। आने वाले मैचों में लगातार जीत हासिल करने पर ही टीम इंडिया तालिका में ऊपर पहुंच सकती है।

फिलहाल टीम इंडिया के लिए श्रीलंका के खिलाफ मिली जीत एक सकारात्मक संकेत है। इस जीत ने टीम को जरूरी अंक तो दिलाए ही हैं, साथ ही फाइनल की दौड़ में बने रहने की उम्मीदों को भी मजबूत किया है। अब नजरें आने वाले मुकाबलों पर होंगी, जहां हर जीत भारत को WTC फाइनल के करीब ले जा सकती है।

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