जनता से रिश्ता वेबडेस्क| टोक्यो पैरालिंपिक 2020 (Tokyo Paralympics 2020) में भारत के लिए मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों का स्वदेश लौटने पर दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) पर गर्मजोशी से वेलकम किया गया. सुमित अंतिल (Sumit Antil) ने टोक्यो के नेशनल स्टेडियम में पुरुषों के भाला फेंक (स्पोर्ट क्लास F64) कम्पटीशन में गोल्ड मेडल जीता. जबकि देवेंद्र झाझरिया (Devendra Jhajharia) ने सिल्वर मेडल जीता. पैरा-एथलीट योगेश कथूनिया, शरद कुमार और सिमरन का भी दिल्ली एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया.

इन खिलाड़ियों ने भारत के लिए मेडल जीते हैं. भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीतने वाले सुमित अंतिल ने कहा, 'घर वापस आकर बेहद खुश हूं, इस शानदार स्वागत और गर्मजोशी के लिए सभी का आभारी हूं.' सोनीपत के 23 साल के अंतिल ने अपना ही विश्व रिकॉर्ड पांच बार तोड़ते हुए पुरुष भाला फेंक F64 वर्ग में 68.55 मीटर के प्रयास के साथ गोल्ड जीता. हरियाणा के इस खिलाड़ी को उम्मीद है कि पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारत लौटने पर उन्हें नौकरी मिल जाएगी. अंतिल फिलहाल बेरोजगार हैं.

देवेंद्र झाझरिया को थी गोल्डन की आस

वहीं, जेवलिन थ्रो में सिल्वर मेडल हासिल करने वाले देवेंद्र झाझरिया ने कहा, 'यह स्वागत मेरे लिए किसी ऐतिहासिक पल से कम नहीं है, घर वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है.' टोक्यो पैरालिंपिक्स में देवेंद्र झाझड़िया से भारत को गोल्डन जीत की आस थी. लेकिन इस बार श्रीलंका के हेराथ एक नए पैरालिंपिक्स चैंपियन की तरह सामने आए. फाइनल में देवेंद्र का आगाज सुस्त रहा पर फिर वो अपने लिए सिल्वर मेडल पक्का करने में कामयाब रहे.

योगेश कथूनिया ने जीता सिल्वर

टोक्यो पैरालिंपिक्स (Tokyo Paralympics) में भारत की झोली में एक और सिल्वर मेडल डालने वालों में योगेश कथूनिया भी शामिल हैं. योगेश काठुनिया ने F56 कैटेगरी में भारत के लिए सिल्वर जीता. उन्होंने इस कामयाबी को हासिल करने के लिए अपना सीजन बेस्ट प्रदर्शन किया. योगेश ने 44.38 मीटर की दूरी नापते हुए देश को टोक्यो पैरालिंपिक्स में सिल्वर दिलाया. वहीं, शरद कुमार ने हाई जंप के T64 इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता. सुंदर सिंह गुर्जर ने भी 64.01 मीटर तक भाला फेंककर ब्रॉन्ज जीता.

Tags: