नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे श्रृंखला की शानदार शुरुआत करते हुए पहला मुकाबला छह विकेट से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ शुभमन गिल की अगुआई वाली टीम ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। साथ ही यूनाइटेड किंगडम दौरे पर भारत के सीमित ओवरों के अभियान को भी नई दिशा मिली। मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने जीत का श्रेय टीम की अनुभवी बल्लेबाजी इकाई और युवा गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन को दिया।
भारत ने इंग्लैंड द्वारा दिए गए 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत में ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पहले गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके और बाद में दबाव की स्थिति में नाबाद 57 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। उनके इस हरफनमौला प्रदर्शन के लिए उन्हें व्यापक सराहना मिली।
यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि वनडे श्रृंखला शुरू होने से पहले भारतीय टीम को टी20 प्रारूप में निराशा हाथ लगी थी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत पहले आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले हार चुका था, जबकि इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ चार मैचों की टी20 श्रृंखला में भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में वनडे श्रृंखला का पहला मुकाबला जीतकर भारतीय टीम ने वापसी का मजबूत संदेश दिया।
मैच के बाद प्रस्तुति समारोह में कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टीम प्रबंधन ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला पिच की परिस्थितियों से अधिक टीम के संतुलन को ध्यान में रखते हुए लिया था। उन्होंने बताया कि मौजूदा टीम में गेंदबाजी विभाग अपेक्षाकृत युवा है, जबकि बल्लेबाजी क्रम काफी अनुभवी और मजबूत है। इसी भरोसे के कारण टीम ने लक्ष्य का पीछा करने का निर्णय लिया।
गिल ने कहा कि जब मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाज दबाव में जिम्मेदारी लेते हैं और टीम को जीत दिलाते हैं, तो इससे कप्तान के रूप में उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ता है। उन्होंने विशेष रूप से अक्षर पटेल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे खिलाड़ी टीम को कठिन परिस्थितियों से बाहर निकालने की क्षमता रखते हैं।
कप्तान ने कहा, "जब मैं मिडिल ऑर्डर और लोअर मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों को इस तरह जिम्मेदारी निभाते हुए देखता हूं, तो एक कप्तान और शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के रूप में मेरा आत्मविश्वास बढ़ जाता है। इससे यह भरोसा मिलता है कि यदि शुरुआती विकेट जल्दी गिर भी जाएं, तब भी टीम के पास मैच जीतने की क्षमता है।"
उन्होंने यह भी कहा कि यदि टीम को 320 रन जैसे बड़े लक्ष्य का भी पीछा करना पड़ता, तब भी बल्लेबाजी क्रम की गुणवत्ता को देखते हुए उन्हें विश्वास था कि भारतीय टीम मुकाबले में बनी रहती। गिल के अनुसार, टीम का अनुभव और गहराई ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
मैच में भारत के युवा गेंदबाजों ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों ने इंग्लैंड को झटके दिए और विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। हालांकि मध्यक्रम में जो रूट और लियाम डॉसन ने साझेदारी कर इंग्लैंड को संभालने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मेजबान टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया।
अक्षर पटेल ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ और विविधता से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान किया। उन्होंने चार महत्वपूर्ण विकेट लेकर मेजबान टीम की पारी को सीमित करने में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद बल्लेबाजी में भी उन्होंने संयम और आक्रामकता का संतुलित प्रदर्शन करते हुए नाबाद अर्धशतक जड़ा और भारत को जीत दिलाकर लौटे।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पहले वनडे में मिली जीत भारतीय टीम के आत्मविश्वास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। टी20 श्रृंखला में मिली निराशा के बाद इस जीत से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और आगामी मुकाबलों में टीम और अधिक मजबूती के साथ मैदान पर उतरेगी।
अब भारतीय टीम की नजर श्रृंखला के दूसरे वनडे पर होगी, जहां जीत दर्ज कर वह सीरीज अपने नाम करने की कोशिश करेगी। वहीं इंग्लैंड की टीम वापसी की उम्मीद के साथ मैदान में उतरेगी। पहले मुकाबले में मिली सफलता के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है और कप्तान शुभमन गिल को उम्मीद है कि टीम इसी लय को अगले मैचों में भी बरकरार रखेगी।