IND vs WI: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला मंगलवार को लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। इस जीत के सबसे बड़े हीरो कप्तान श्रेयस अय्यर रहे, जिन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला टी20 इंटरनेशनल शतक लगाया और भारत को एकतरफा जीत दिला दी।
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 19.1 ओवर में 171 रन बनाए थे। भारत को जीत के लिए 172 रन का लक्ष्य मिला था। जवाब में टीम इंडिया ने सिर्फ 14.4 ओवर में दो विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। श्रेयस अय्यर ने कप्तानी पारी खेलते हुए 102 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में अपना पहला टी20 इंटरनेशनल शतक पूरा किया।
भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। कप्तान श्रेयस अय्यर का यह फैसला शुरुआत में ही सही साबित होता दिखाई दिया, जब भारतीय गेंदबाजों ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
हालांकि वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने अच्छी बल्लेबाजी की और अपनी टीम को संभालने की कोशिश की। उन्होंने 52 रन की पारी खेली। उनके अलावा शेरफेन रदरफोर्ड ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 56 रन बनाए।
दोनों बल्लेबाजों की पारियों की बदौलत वेस्टइंडीज 171 रन के स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा। एक समय शुरुआती विकेट गिरने के बाद मेहमान टीम मुश्किल में दिखाई दे रही थी, लेकिन होप और रदरफोर्ड ने पारी को संभाला।
भारत के लिए गेंदबाजी में सबसे ज्यादा चर्चा डेब्यू करने वाले नमन धीर की रही। अपने पहले ही टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में नमन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट हासिल किए।
नमन धीर ने चार ओवर में 31 रन देकर तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। अपने डेब्यू मैच में इस तरह का प्रदर्शन उनके लिए बेहद खास रहा।
कुलदीप यादव और अक्षर पटेल ने भी भारतीय गेंदबाजी को मजबूती दी। दोनों ने दो-दो विकेट अपने नाम किए। अर्शदीप सिंह और मयंक यादव को भी एक-एक सफलता मिली।
भारतीय गेंदबाजों के लगातार दबाव के कारण वेस्टइंडीज की पूरी टीम 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 19.1 ओवर में 171 रन पर ऑलआउट हो गई।
172 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआत में कुछ झटके जरूर लगे। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा 21 रन बनाकर आउट हुए, जबकि संजू सैमसन 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
दो विकेट गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि वेस्टइंडीज भारतीय टीम पर कुछ दबाव बना सकता है, लेकिन इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर मैदान पर उतरे और उन्होंने मैच का पूरा रुख बदल दिया।
श्रेयस ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों के खिलाफ खुलकर शॉट लगाए।
अय्यर की बल्लेबाजी में शुरुआत से ही आत्मविश्वास दिखाई दिया। उन्होंने गेंदबाजों को जमने का मौका नहीं दिया और लगातार बाउंड्री लगाते रहे।
दूसरे छोर पर इशान किशन ने भी कप्तान का शानदार साथ दिया। उन्होंने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 37 रन की नाबाद पारी खेली।
श्रेयस और इशान की साझेदारी ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया।
श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 42 गेंदों में अपना पहला टी20 इंटरनेशनल शतक पूरा किया। उनकी यह पारी भारतीय टीम के लिए मैच जिताऊ साबित हुई।
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में श्रेयस लंबे समय से भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, लेकिन इस मुकाबले से पहले उनके नाम इस फॉर्मेट में शतक नहीं था। लखनऊ में उन्होंने इस इंतजार को खत्म कर दिया।
कप्तान के रूप में खेलते हुए शतक लगाना इस पारी को और भी खास बनाता है। टीम को लक्ष्य का पीछा करते हुए तेज शुरुआत और स्थिरता दोनों की जरूरत थी और श्रेयस ने दोनों जिम्मेदारियां निभाईं।
उन्होंने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि जिस गति से बल्लेबाजी की उसने मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।
भारत ने 172 रन का लक्ष्य 15वें ओवर में ही हासिल कर लिया। 14.4 ओवर में टीम इंडिया का स्कोर 172 रन के पार पहुंच गया और भारत ने 8 विकेट से मुकाबला जीत लिया।
इस जीत का मतलब यह भी है कि भारत का नेट रनरेट शुरुआत से ही मजबूत हो गया है और पांच मैचों की लंबी सीरीज में टीम ने मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल कर ली है।
भारतीय टीम के लिए इस मुकाबले में कई सकारात्मक पहलू सामने आए। सबसे पहले नमन धीर का शानदार डेब्यू रहा। उन्होंने तीन विकेट लेकर साबित किया कि वह गेंद से भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
इसके बाद कुलदीप यादव और अक्षर पटेल की स्पिन जोड़ी ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने नहीं दिया।
बल्लेबाजी में श्रेयस अय्यर का शतक भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि रहा। कप्तान के तौर पर उन्होंने सामने से नेतृत्व किया और मुश्किल लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया।
इशान किशन की नाबाद 37 रन की पारी भी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने श्रेयस को ज्यादा स्ट्राइक दी और दूसरे छोर से विकेट बचाए रखा।
वेस्टइंडीज के लिए शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड की अर्धशतकीय पारियां जरूर सकारात्मक रहीं, लेकिन गेंदबाजी में टीम पूरी तरह बेअसर दिखाई दी।
172 रन का लक्ष्य टी20 क्रिकेट में चुनौतीपूर्ण माना जा सकता था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इसे सिर्फ 14.4 ओवर में हासिल कर वेस्टइंडीज की गेंदबाजी की कमजोरियों को उजागर कर दिया।
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत रूप से भी यादगार रहा। एक तरफ उन्होंने कप्तानी में सही गेंदबाजी बदलाव किए, वहीं दूसरी तरफ बल्लेबाजी में शतक लगाकर टीम को जीत तक पहुंचाया।
पांच मैचों की इस सीरीज में भारत ने अब 1-0 की बढ़त बना ली है। पहला मुकाबला जीतने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा होगा।
वेस्टइंडीज को अगले मुकाबले में वापसी करने के लिए अपनी गेंदबाजी में काफी सुधार करना होगा। खासकर पावरप्ले और मध्य ओवरों में गेंदबाजों को भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाना होगा।
दूसरी तरफ टीम इंडिया इसी लय को आगे भी जारी रखना चाहेगी। नमन धीर का डेब्यू, स्पिनरों का प्रदर्शन और श्रेयस अय्यर का शानदार शतक भारतीय टीम के लिए इस मुकाबले की सबसे बड़ी उपलब्धियां रहीं।
कुल मिलाकर लखनऊ में भारतीय टीम ने गेंद और बल्ले दोनों से वेस्टइंडीज पर दबदबा बनाया। वेस्टइंडीज को 171 रन पर रोकने के बाद भारत ने 172 रन का लक्ष्य सिर्फ 14.4 ओवर में हासिल कर लिया। श्रेयस अय्यर की कप्तानी पारी ने मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया और भारत ने सीरीज की शुरुआत शानदार 8 विकेट की जीत के साथ की।