नई दिल्ली। भारतीय टेनिस जगत से बड़ी खबर सामने आई है। देश की दिग्गज टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा और पूर्व विश्व नंबर एक युगल खिलाड़ी महेश भूपति को अखिल भारतीय टेनिस संघ (AITA) की जनरल बॉडी के लिए चुना गया है। दोनों दिग्गज खिलाड़ियों का चयन उत्कृष्ट उपलब्धियों वाले खिलाड़ियों (Sportspersons of Outstanding Merit – SOM) की श्रेणी में हुआ है। इस फैसले को भारतीय टेनिस प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब दोनों पूर्व खिलाड़ी खेल के विकास, खिलाड़ियों की सुविधाओं और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े मामलों में अपनी भूमिका निभा सकेंगे।सानिया मिर्जा और महेश भूपति ने अपने शानदार करियर के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। दोनों खिलाड़ियों के पास ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धाओं का लंबा अनुभव है। ऐसे में उनके राष्ट्रीय टेनिस संघ की प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनने से खिलाड़ियों के हितों को अधिक प्रभावी तरीके से सामने रखने की उम्मीद जताई जा रही है।भारतीय टेनिस प्रशासन में खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से हाल के समय में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत सानिया और भूपति को जनरल बॉडी में प्रतिनिधित्व मिला है।
उत्कृष्ट खिलाड़ियों की श्रेणी में हुआ चयन
AITA के संशोधित संविधान के अनुसार, जनरल बॉडी में उत्कृष्ट उपलब्धियों वाले चार खिलाड़ियों को प्रतिनिधित्व देने का प्रावधान किया गया है।इन चार प्रतिनिधियों में दो पुरुष और दो महिला खिलाड़ी शामिल होंगे। इसके अलावा संघ की 15 सदस्यीय कार्यकारी समिति में भी इसी श्रेणी से दो प्रतिनिधियों को स्थान दिया जाएगा, जिनमें एक पुरुष और एक महिला होगी।इस व्यवस्था का उद्देश्य राष्ट्रीय खेल संघों के महत्वपूर्ण निर्णयों में पूर्व खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।खेल प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि मैदान पर लंबे समय तक खेलने वाले खिलाड़ी प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों की वास्तविक चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझते हैं।
कार्यकारी समिति में भी जगह बनाने की तैयारी
जनरल बॉडी में चुने जाने के बाद अब सानिया मिर्जा और महेश भूपति की नजर AITA की कार्यकारी समिति में प्रतिनिधित्व हासिल करने पर है।कार्यकारी समिति राष्ट्रीय टेनिस संघ के संचालन और नीतिगत निर्णयों से जुड़ी महत्वपूर्ण इकाई है।AITA के व्यापक चुनाव 27 नवंबर 2026 को निर्धारित हैं। ऐसे में आगामी चुनावी प्रक्रिया भारतीय टेनिस प्रशासन के भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।यदि दोनों खिलाड़ियों को कार्यकारी समिति में भी स्थान मिलता है, तो उन्हें खेल के विकास से जुड़े प्रमुख फैसलों में अधिक प्रत्यक्ष भागीदारी का अवसर मिलेगा।
चयन प्रक्रिया में 26 आवेदन प्राप्त हुए
उत्कृष्ट उपलब्धियों वाले खिलाड़ियों की श्रेणी में प्रतिनिधित्व के लिए कुल 26 आवेदन प्राप्त हुए थे।इनमें पुरुष वर्ग से 18 और महिला वर्ग से आठ आवेदन शामिल थे।आवेदन करने वाले खिलाड़ियों में कई बड़े नाम शामिल रहे। इनमें दो बार के ग्रैंड स्लैम विजेता रोहन बोपन्ना, भारत के पूर्व डेविस कप कप्तान आनंद अमृतराज और पूर्व टेनिस खिलाड़ी गौरव नाटेकर जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल थे।इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय टेनिस के कई पूर्व दिग्गज अब खेल प्रशासन में सक्रिय भूमिका निभाने के इच्छुक हैं।
सानिया मिर्जा का शानदार टेनिस करियर
सानिया मिर्जा भारतीय महिला टेनिस के इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं।उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में छह ग्रैंड स्लैम खिताब जीते। इनमें तीन महिला युगल और तीन मिश्रित युगल खिताब शामिल हैं।सानिया अप्रैल 2015 में महिला युगल की विश्व रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर पहुंचीं। इस उपलब्धि ने उन्हें भारतीय टेनिस के इतिहास में विशेष पहचान दिलाई।उन्होंने अपने खेल के दम पर देश में महिला टेनिस की लोकप्रियता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।सानिया ने फरवरी 2023 में पेशेवर टेनिस से संन्यास लिया था। अब AITA की जनरल बॉडी में चुने जाने के बाद उनके सामने खेल प्रशासन के माध्यम से भारतीय टेनिस में योगदान देने का नया अवसर है।
महेश भूपति के नाम 12 ग्रैंड स्लैम खिताब
महेश भूपति भारतीय टेनिस के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक रहे हैं।उन्होंने अपने शानदार करियर में कुल 12 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते। इनमें चार पुरुष युगल और आठ मिश्रित युगल खिताब शामिल हैं।भूपति पुरुष युगल की विश्व रैंकिंग में नंबर एक स्थान भी हासिल कर चुके हैं।उन्होंने लिएंडर पेस के साथ मिलकर भारतीय टेनिस को कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दिलाईं। दोनों की जोड़ी अंतरराष्ट्रीय टेनिस जगत में बेहद सफल रही।महेश भूपति के अनुभव का लाभ भारतीय टेनिस के युवा खिलाड़ियों को मिल सकता है। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने में उनका अनुभव महत्वपूर्ण हो सकता है।
खेल प्रशासन में पूर्व खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ेगी
सानिया मिर्जा और महेश भूपति का चयन राष्ट्रीय खेल प्रशासन में सुधार की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है।राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम और राष्ट्रीय खेल निकाय नियम, 2026 के तहत खेल संघों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर जोर दिया गया है।इसका उद्देश्य खेल संगठनों के निर्णयों में उन लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिन्होंने स्वयं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा की है।पूर्व खिलाड़ियों को प्रशासन में शामिल करने से खिलाड़ियों की जरूरतों और खेल संघों की नीतियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने की उम्मीद है।
भारतीय टेनिस को मिल सकती है नई दिशा
भारत में टेनिस के विकास के लिए जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी बढ़ाना महत्वपूर्ण माना जाता हैसानिया और भूपति जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की प्रशासनिक भूमिका इन क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर प्रदान कर सकती है।विशेष रूप से युवा खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग, आधुनिक सुविधाएं और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान देने की आवश्यकता है।हालांकि, वास्तविक बदलाव इस बात पर निर्भर करेगा कि नए प्रतिनिधियों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में कितनी सक्रिय भूमिका मिलती है।फिलहाल दोनों दिग्गज खिलाड़ियों का AITA जनरल बॉडी में चयन भारतीय टेनिस के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। आने वाले दिनों में कार्यकारी समिति के चुनावों पर भी खेल जगत की नजरें बनी रहेंगी।