तिरुवनंतपुरम। भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने अपनी टीम के सामने बड़ी चुनौती रखी है। सैमी का मानना है कि भारतीय परिस्थितियों में टीम इंडिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन वेस्टइंडीज को यह समझने में मदद करेगा कि वह वनडे क्रिकेट में इस समय कहां खड़ी है। उन्होंने भारत दौरे को अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप क्वालिफायर की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है।भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला रविवार, 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला 30 सितंबर को गुवाहाटी और तीसरा मैच 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में होगा। वेस्टइंडीज की नजर भारत में 24 साल से चले आ रहे वनडे सीरीज जीत के इंतजार को खत्म करने पर भी होगी। कैरेबियाई टीम ने आखिरी बार 2002-03 में भारत में द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती थी।
पहले वनडे से पहले सैमी ने कहा कि उनकी टीम के पास भारत में खुद को चुनौती देने का शानदार मौका है। उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज ने पिछले 24 वर्षों से भारत में कोई वनडे सीरीज नहीं जीती है। ऐसे में मौजूदा खिलाड़ियों के पास भारतीय परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करते हुए लंबे इंतजार को खत्म करने का अवसर है। साथ ही इस सीरीज के जरिए टीम को अपनी मौजूदा क्षमता का आकलन करने में भी मदद मिलेगी।सैमी ने भारतीय टीम को व्हाइट-बॉल क्रिकेट की बड़ी कसौटी बताया। उनके मुताबिक यदि किसी टीम को बड़े ICC टूर्नामेंट में सफलता हासिल करनी है तो उसे भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ जीतने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि भारत को उसी की घरेलू परिस्थितियों में चुनौती देना वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा होगी। यहां अच्छा प्रदर्शन टीम को विश्व स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता समझने का मौका देगा।
वेस्टइंडीज के लिए यह सीरीज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम 2027 वनडे विश्व कप के लिए सीधे क्वालिफाई नहीं कर सकी। उसे अब फरवरी 2027 में होने वाले क्वालिफायर के जरिए विश्व कप में जगह बनाने की कोशिश करनी होगी। सैमी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी टीम का सबसे बड़ा लक्ष्य क्वालिफायर के लिए मजबूत और संतुलित टीम तैयार करना है।2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है। वेस्टइंडीज की टीम ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर सकी और उसे अब क्वालिफायर की चुनौती से गुजरना होगा। ऐसे में भारत के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज को टीम प्रबंधन बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों के महत्वपूर्ण चरण के रूप में देख रहा है।
सैमी ने कहा कि फरवरी में होने वाले क्वालिफायर पर टीम का सबसे ज्यादा ध्यान है। उनका लक्ष्य मौजूदा सीरीज और आगामी मुकाबलों के जरिए टीम को लगातार बेहतर बनाना है, ताकि क्वालिफायर में उतरते समय वेस्टइंडीज विश्व कप का टिकट हासिल करने की मजबूत स्थिति में रहे। दो बार टी20 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे सैमी बड़े टूर्नामेंट में दबाव और मजबूत विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन के महत्व को अच्छी तरह जानते हैं।वेस्टइंडीज के लिए हाल के वर्षों में वनडे क्रिकेट का सफर आसान नहीं रहा है। हालांकि सैमी का मानना है कि टीम ने इस प्रारूप में सुधार किया है। उन्होंने कहा कि शाई होप ही अकेले बल्लेबाज नहीं हैं जो टीम के लिए बड़े स्कोर बना रहे हैं। दूसरे खिलाड़ियों ने भी जिम्मेदारी संभाली है। सैमी ने आमिर जांगू और शेरफेन रदरफोर्ड जैसे बल्लेबाजों के योगदान का उल्लेख किया, जबकि तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ की वापसी को भी सकारात्मक संकेत माना।
भारत दौरे पर वेस्टइंडीज की वनडे टीम की कप्तानी शाई होप करेंगे। टीम में जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टी, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जांगू, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफेन रदरफोर्ड और जेडन सील्स जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।भारत की घरेलू परिस्थितियां वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। भारतीय टीम अपने मैदानों पर मजबूत मानी जाती है और स्पिन गेंदबाजी के साथ अनुभवी बल्लेबाजी क्रम विपक्षी टीमों की परीक्षा लेता है। इसी वजह से सैमी इस दौरे को केवल द्विपक्षीय सीरीज के रूप में नहीं बल्कि विश्व कप क्वालिफायर से पहले अपनी टीम की क्षमता जांचने के अवसर के तौर पर देख रहे हैं।
वेस्टइंडीज के सामने एक तरफ 24 साल बाद भारत में वनडे सीरीज जीतने का मौका है, तो दूसरी तरफ भविष्य की बड़ी चुनौती विश्व कप क्वालिफायर की है। भारत के खिलाफ प्रदर्शन से टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों की भूमिका, बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजी संयोजन को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं।तीन मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला रविवार को तिरुवनंतपुरम में होगा। सैमी चाहते हैं कि उनकी टीम मजबूत भारतीय टीम के खिलाफ बिना दबाव के अपनी क्षमता दिखाए और सीरीज जीतने की कोशिश करे। उनके लिए भारत के खिलाफ यह परीक्षा सिर्फ नतीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य यह जानना भी है कि वेस्टइंडीज 2027 विश्व कप की चुनौती के लिए कितनी तैयार है।
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